Recently, I got scammed by this scam casino. At first, everything looked legitimate but once I deposited a larger amount and tried to withdraw my winnings i got scammed.

हे गुरुवर अभिनन्दन है भजन लिरिक्स

गुरुदेव का अभिनंदन करना ही सच्ची भक्ति का प्रतीक है, क्योंकि वे ही हमें सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। “हे गुरुवर अभिनन्दन है” भजन में भक्त अपने सतगुरु को श्रद्धा और प्रेम के साथ नमन करता है, उनकी महिमा का गुणगान करता है और उनकी कृपा का आभार व्यक्त करता है। जब हम इस भजन को पढ़ते या करते हैं, तो मन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है और गुरुदेव के प्रति समर्पण भाव और अधिक गहरा हो जाता है।

He Guruvar Abhinandan Hai Bhajan Lyrics

हे गुरुवर अभिनन्दन है,
पद पंकज में वंदन है,
हे गुरुवर अभिनन्दन हैं।।

ज्ञान की मूरत कुंदन मन है,
आप जगत में एक रतन है,
शीश धरूँ गुरु चन्दन है,
हे गुरुवर अभिनन्दन हैं।।

तन मन कर अर्पित गुरु पद में,
ध्यान धरो श्री हरी के पद में,
गुरु सेवा जीवन धन है,
हे गुरुवर अभिनन्दन हैं।।

हे गुरुवर अभिनन्दन है,
पद पंकज में वंदन है,
हे गुरुवर अभिनन्दन हैं।।

सतगुरु का अभिनंदन करने से हमें उनकी कृपा का अनुभव होता है और हमारी आत्मा गुरु भक्ति में लीन हो जाती है। उनकी कृपा से ही हमारा जीवन सार्थक बनता है। यदि यह भजन आपको भावविभोर करता है, तो “तुम्हारी करुणा की प्रेम वर्षा गुरुदेव”, “ऐ री मेरे सतगुरु कृपा निधान”, “गुरुवर के चरणों में मेरा है प्रणाम” और “गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना” जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और गुरु महिमा का आनंद लें।









Leave a comment