हरी नाम नहीं तो जीना क्या भजन हमें यह एहसास कराता है कि भगवान का नाम हमारे जीवन में सर्वोपरि है। यदि हम भगवान के नाम का जाप नहीं करते, तो हमारा जीवन अधूरा और नीरस रहता है। यह भजन हमें बताता है कि भगवान का नाम ही हमारे जीवन को सार्थक बनाता है और हर संकट में हमें सहारा देता है। भगवान के नाम के बिना जीवन का कोई मूल्य नहीं है, क्योंकि उनका नाम ही हमें आत्मिक शांति और सच्चे सुख की प्राप्ति कराता है।
Hari Naam Nahi To Jeena Kya
हरी नाम नहीं तो जीना क्या,
अमृत है हरी नाम जगत में,
इसे छोड़ विषय रस पीना क्या,
हरी नाम नहीं तो जीना क्या….
काल सदा अपने रस डोले,
ना जाने कब सर चढ़ बोले,
हर का नाम जपो निसवासर,
इसमें बरस महीना क्या,
हरी नाम नहीं तो जीना क्या…..
भूषन से सब अंग सजावे,
रसना पर हरी नाम ना लावे,
देह पड़ी रह जावे यही पर,
फिर कुंडल और नगीना क्या,
हरी नाम नहीं तो जीना क्या…..
तीरथ है हरी नाम तुम्हारा,
फिर क्यूँ फिरता मारा मारा,
अंत समय हरी नाम ना आवे,
फिर काशी और मदीना क्या,
हरी नाम नहीं तो जीना क्या…..
हरी नाम नहीं तो जीना क्या भजन यह सिखाता है कि भगवान के नाम के बिना जीवन की कोई भी खुशी स्थायी नहीं होती। जब हम हर दिन भगवान के नाम का जाप करते हैं, तो हमें मानसिक शांति मिलती है और जीवन में संतोष का अनुभव होता है। इस भक्ति रस को और गहराई से अनुभव करने के लिए आप श्री हरि की महिमा अपार, गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो, नारायण, नारायण जय गोविंद हरे और संकट हरन श्री विष्णु जी जैसे अन्य भजनों का भी पाठ करें और भगवान विष्णु की कृपा का अनुभव करें। ????????