गुरुवर टेकचंद जी का नाम ही भक्तों के दिलों में श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। उनका जीवन और भजन हमें यह सिखाते हैं कि सच्ची समृद्धि धन-दौलत में नहीं, बल्कि गुरु की भक्ति और आशीर्वाद में है। “गुरुवर टेकचंद जी जैसा जग में सेठ कोई नी” भजन में यही संदेश है कि गुरु के चरणों में समर्पित होकर हम सब कुछ पा सकते हैं, जो हमारे जीवन को उज्जवल बनाता है।
Guruvar Tekchand Ji Jaisa Jag Me Seth Koi Ni Bhajan Lyrics
गुरुवर टेकचंद जी जैसा जग में सेठ कोई नी,
कड़छा धाम पे आई ने खाली जावे कोई नी,
यहां आई ने भक्ता की खाली मौज होए नी,
कड़छा धाम पे आई ने खाली जावे कोई नी।।
गुरूवर तो आज म्हारा सेठ बण्या है,
कड़छा का मंदिर टेकचंद जी बैठ्या है।
आज माँग लो सब थे तो मन चाहो जोई भी,
कड़छा धाम पे आई ने खाली जावे कोई नी।।
भगत रंग्या भगवान रंग्या है,
भक्ता का मन में गुरुदेव बस्या है।
नवयुवक संग में आज सबकी मौज होए नी,
कड़छा धाम पे आई ने खाली जावे कोई नी।।
गुरुवर टेकचंद जी जैसा जग में सेठ कोई नी,
कड़छा धाम पे आई ने खाली जावे कोई नी,
यहां आई ने भक्ता की खाली मौज होए नी,
कड़छा धाम पे आई ने खाली जावे कोई नी।।
गुरुवर टेकचंद जी का जीवन और उनके भजन हमेशा हमें आस्थावान और प्रेरित करते हैं। “गुरुवर टेकचंद जी जैसा जग में सेठ कोई नी” जैसे भजन हमें यह याद दिलाते हैं कि धन्य हैं वे जो गुरु के साथ होते हैं। यदि आपको यह भजन प्रिय लगा, तो “गुरु की महिमा अपरंपार”, “तेरी हर मुश्किल आसान मिले जब गुरु से ज्ञान”, “गुरुवर के चरणों में मेरा है प्रणाम”, और “गुरुदेव के चरणों में सौ बार नमन” भजनों को भी अवश्य पढ़ें और गुरु के आशीर्वाद से अपने जीवन को रोशन करें।