गौरा मेहंदी लगाओ भजन लिरिक्स

गौरा मेहंदी लगाओ भजन माता पार्वती और भगवान शिव के दिव्य विवाह की अलौकिक झलक प्रस्तुत करता है। जब गौरा माता अपने प्रिय महादेव के संग विवाह के लिए सजती-संवरती हैं, तब सम्पूर्ण सृष्टि इस मंगलमय आयोजन में आनंदित हो उठती है। यह भजन न केवल शिव-पार्वती के पावन प्रेम का प्रतीक है, बल्कि भक्तों को उनकी कृपा प्राप्ति का मार्ग भी दिखाता है। आइए, हम भी माता गौरा को सोलह श्रृंगार में निहारें और शिव-पार्वती विवाह के इस शुभ अवसर पर अपनी भक्ति अर्पित करें।

Gaura Mehandi Lagao, O Gaura Mehandi Lagao

मेरी भोले से हो गई बात,
लेके आयेंगे वो बारात,
गौरा मेहंदी लगाओ,
ओ गौरा मेंहदी लगाओ।1।

गरुड़ सवारी विष्णु चले है,
विष्णु चले संग ब्रह्मा चले है,
और नारद भी आयेंगे साथ,
गौरा मेंहदी लगाओ,
ओ गौरा मेंहदी लगाओ।2।

हाथी न घोड़े न होगी सवारी,
भूतों प्रेतों की पलटन है सारी,
होगी नंदी गणों की बारात,
गौरा मेंहदी लगाओ,
ओ गौरा मेंहदी लगाओ।3।

भोले की जटा में रहती है गंगा,
हाथों में डमरू मस्तक पे चंदा,
वो तो नंदी पे होंगे सवार,
गौरा मेंहदी लगाओ,
ओ गौरा मेंहदी लगाओ।4।

देखो बाराती कैसे निराले,
पीते है भर भर भांगिया के प्याले,
वो तो घोटा लगाएं दिन रात,
गौरा मेंहदी लगाओ,
ओ गौरा मेंहदी लगाओ।5।

भोले की आ गई देखो सवारी,
पिया मिलन की आ गई बारी,
अब तो फेरे भी होंगे सात,
गौरा मेंहदी लगाओ,
ओ गौरा मेंहदी लगाओ।6।

मेरी भोले से हो गई बात,
लेके आयेंगे वो बारात,
गौरा मेहंदी लगाओ,
ओ गौरा मेंहदी लगाओ।7।

गौरा मेहंदी लगाओ भजन हमें यह संदेश देता है कि शिव और शक्ति का मिलन सृष्टि की सबसे शुभ घटना है, जिससे संपूर्ण ब्रह्मांड ऊर्जा प्राप्त करता है। जब भक्त इस भजन को करता है, तो उसके हृदय में शिव-पार्वती के प्रति भक्ति और प्रेम का संचार होता है। यदि यह भजन आपको शिव-पार्वती की दिव्य लीलाओं में डुबो दे, तो गौरा तो जाएगी भोले शंकर के साथ, महाकाल की बारात में, शिवरात्रि का त्यौहार है, और भोले बाबा ने पकड़ा हाथ अकेला मत समझो भी अवश्य करें। इन भजनों से शिव-पार्वती की महिमा और अधिक प्रकट होगी और भक्ति का आनंद मिलेगा। ????????✨

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