शिव, जिनके मस्तक पर चंद्र विराजमान हैं, संपूर्ण ब्रह्मांड के स्वामी हैं। चंदा सिर पर है जिनके भजन भोलेनाथ के दिव्य स्वरूप और उनकी अपार महिमा को दर्शाता है। यह भजन हमें उनकी भक्ति की गहराइयों में ले जाता है और शिव के अलौकिक रूप का दर्शन कराता है। आइए, इस भजन को पढ़कर शिव की कृपा का अनुभव करें।
Chanda Sir Per Hai Jinke Shiv Bhajan lyrics
चंदा सिर पर है जिनके,
कानो में कुण्डल चमके।
सर्पो की माल गले में,
गंगा है जटा में जिनके।
ऐसे तो भोला शंकर है,
शंकर को वंदन है।
ऐसे तो भोला शंकर है,
शंकर को वंदन है।।
मेरे भोले भंडारी की,
नंदी पे सवारी।
नंदी की सवारी,
लागे हमको प्यारी।
भस्मी रमी है तन पे,
हाथों में डमरू जिनके।
बाघम्बर छाल कमर पे,
त्रिशूल है हाथ में जिनके।
ऐसे तो भोला शंकर है,
शंकर को वंदन है।
ऐसे तो भोला शंकर है,
शंकर को वंदन है।।
जब जब ये आँखे खोले,
तो धरती अम्बर डोले।
देव तो क्या ब्रम्हांड भी,
जय शिव शंकर बोले।
मुखड़े पर तेज है दमके,
एक नेत्र ललाट पे जिनके।
रुद्राक्ष भुजंग पे धारे,
तिहुँ लोक है चर्चे जिनके।
ऐसे तो भोला शंकर है,
शंकर को वंदन है।
ऐसे तो भोला शंकर है,
शंकर को वंदन है।।
गौरा शंकर की जोड़ी,
कितनी सुन्दर लागे।
इनके दर्शन से,
भाग्य हमारे जागे।
गुण गाता जग ये जिनके,
हम भी दीवाने उनके।
जो भोले भाले मन के,
हृदय में प्रेम जिनके।
ऐसे तो भोला शंकर है,
शंकर को वंदन है।
ऐसे तो भोला शंकर है,
शंकर को वंदन है।।
चंदा सिर पर है जिनके,
कानो में कुण्डल चमके।
सर्पो की माल गले में,
गंगा है जटा में जिनके।
ऐसे तो भोला शंकर है,
शंकर को वंदन है।
ऐसे तो भोला शंकर है,
शंकर को वंदन है।।
महादेव की भक्ति का आनंद अपार है, और उनके हर स्वरूप में अनंत प्रेम और करुणा समाई हुई है। उनकी कृपा को और गहराई से अनुभव करने के लिए भोला से बन गए भोली घुँघटा निकाल के, मेरी फरियाद सुन भोले तेरे दर आया दीवाना, ओ भोले हम तो लुट गए तेरे प्यार में, और “जहाँ जिनकी जटाओं में गंगा की बहती अविरल धारा जैसे भजनों को भी अवश्य पढ़ें और शिव भक्ति में रम जाएं। ????????