रमतो भमतो जाय आज माँ नो गरबो रमतो जाय गरबा लिरिक्स
गुजरात की धरती पर जब माँ अंबे की आराधना के सुर गूंजते हैं, तब पूरा वातावरण भक्ति और उल्लास से भर जाता है। रमतो भमतो जाय आज माँ नो गरबो रमतो जाय – यह गरबा केवल नृत्य नहीं, बल्कि माँ की आराधना का सबसे पावन स्वरूप है। जब ढोल की थाप पर कदम थिरकते हैं … Read more