जब माँ भवानी अपने भक्तों के द्वार पर आती हैं, तो हर ओर खुशहाली छा जाती है। उनकी कृपा से दुख-संकट दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होता है। “भवानी माँ आई मेरे द्वार” भजन इसी अलौकिक आनंद का वर्णन करता है। यह भजन हमें माँ की अपार करुणा और प्रेम का अनुभव कराता है, जिससे भक्तों का मन भक्ति और श्रद्धा से भर उठता है। माँ की एक झलक मात्र से जीवन धन्य हो जाता है, और यह भजन भक्तों को उसी दिव्य एहसास से जोड़ता है।
Bhavani Maa Aayi Mere Dwar
भवानी माँ आई मेरे द्वार,
शंख चक्र त्रिशूल गदा ले,
शंख चक्र त्रिशूल गदा ले,
आई माँ मेरे द्वार,
भवानी माँ आई शेर सवार,
भवानी माँ आयी मेरे द्वार।1।
नमो नमो दुर्गे सुखकरनी,
नमो नमो अम्बे दुखहरणी,
कृपा दायिनी माँ जगतरणि,
खुशियों के बादल बरसा के,
खुशियों के बादल बरसा के,
आई माँ देने प्यार,
भवानी माँ आई शेर सवार,
भवानी माँ आयी मेरे द्वार।2।
निरंकार है ज्योति तुम्हारी,
तिहुँ लोक फैली उजियारी,
सारी दुनिया है दुखियारी,
अपने सेवक जन की श्रद्धा,
अपने सेवक जन की श्रद्धा,
करना माँ स्वीकार,
भवानी माँ आई शेर सवार,
भवानी माँ आयी मेरे द्वार।3।
शशि ललाट मुख महाविशाला,
नेत्र लाल भृकुटि विकराला,
अन्नपूर्णा हुई जग पाला,
बेटा ‘देवेंद्र’ महिमा गाए,
बेटा ‘देवेंद्र’ महिमा गाए,
सुन लेना माँ पुकार,
भवानी माँ आई शेर सवार,
भवानी माँ आयी मेरे द्वार।4।
भवानी माँ आई मेरे द्वार,
शंख चक्र त्रिशूल गदा ले,
शंख चक्र त्रिशूल गदा ले,
आई माँ मेरे द्वार,
भवानी माँ आई शेर सवार,
भवानी माँ आयी मेरे द्वार।5।
माँ भवानी की कृपा अपार है, और उनका आगमन जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता लेकर आता है। “भवानी माँ आई मेरे द्वार” भजन हमें यह याद दिलाता है कि माँ अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करतीं, बस सच्चे मन से पुकारने की जरूरत होती है। यदि इस भजन ने आपकी भक्ति को और प्रबल किया है, तो “[सारा जग है प्रीत पराई, माँ का चरण सुखधाम]” जैसे अन्य भक्तिमय भजन भी अवश्य सुनें और माँ के प्रेम में डूब जाएं। जय माता दी! ????✨