जब जीवन में संघर्ष बढ़ जाए और मन अशांत हो, तब केवल एक ही उपाय बचता है – बालाजी का सुमिरन करना! यह भजन हमें याद दिलाता है कि बालाजी महाराज का नाम जपने से हर संकट टल जाता है और मन को एक नई ऊर्जा मिलती है। उनकी भक्ति में इतनी शक्ति है कि जो भी सच्चे मन से उन्हें याद करता है, उसका जीवन सुख-समृद्धि से भर जाता है।
Bala Ji Ka Sumiran Kar Le
बालाजी को सुमिरन कर ले,
तो काम थारो हो जासी,
भक्ति को जोर लगा ले रे,
वरना पाछे पछतासी,
बालाजी को सुमिरण कर ले,
तो काम थारो हो जासी…..
तू तो मस्ती में खोयो रे,
तू तो जी भर के सोयो रे,
थारो काम नहीं होयो रे,
पक्को जोर तू नाही लगायो,
भक्ति को तू जोर लगा ले,
थोड़ी मजबूती तो ल्या रे,
नहीं तो यमड़ो जूता मारे,
वो तो पुछेलो के ल्यायो,
कर ले तू बाला से यारी,
थारी टल जासी रे फांसी,
थारी टल जासी रे फांसी,
बालाजी को सुमिरण कर ले,
तो काम थारो हो जासी…..
के है बेटो के है नारी,
के कर लेसी रिश्तेदारी,
झूठी दुनियादारी सारी,
भाया कोई नहीं है थारो,
थारी कोठ्या महल अटारी,
रह जासी रे अठै ही सारी,
कर ले आगे की तैयारी,
तेने ले जासी बिणजारो,
बस नाम सहारो ही सांचो,
परलोक में काम वो आसी,
परलोक में काम वो आसी,
बालाजी को सुमिरण कर ले,
तो काम थारो हो जासी…….
बालाजी को सुमिरन कर ले,
तो काम थारो हो जासी,
भक्ति को जोर लगा ले रे,
वरना पाछे पछतासी,
बालाजी को सुमिरण कर ले,
तो काम थारो हो जासी…….
जो भी सच्चे हृदय से बालाजी महाराज का सुमिरन करता है, उसे कभी किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। उनकी कृपा से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और जीवन में शुभता का संचार होता है। यदि इस भजन से आपका मन श्रद्धा से भर उठा है, तो [अगला भजन: “पधारो म्हारा बालाजी”] भी अवश्य पढ़े और अपने आराध्य के प्रति अपनी भक्ति को और गहरा करें। ???? जय श्री बालाजी!