अंजनी के लाल, तुमको मेरा प्रणाम हो भजन श्री हनुमान जी की महिमा और उनके दिव्य स्वरूप को नमन करने के लिए समर्पित है। यह भजन हमें यह एहसास कराता है कि पवनपुत्र हनुमान जी का जीवन वीरता, भक्ति और सेवा का प्रतीक है। वे माता अंजनी के स्नेहिल पुत्र हैं, जिनकी भक्ति और शक्ति की कोई सीमा नहीं है। यह भजन भक्तों के मन में श्रद्धा और प्रेम उत्पन्न करता है, जिससे वे अपने संकटमोचन की महिमा का अनुभव कर सकें।
Anjani Ke Lal Tumko Mera Pranam
अंजनी के लाल तुमको,
मेरा प्रणाम हो।
शत शत प्रणाम,
कोटि कोटि प्रणाम हो।
अँजनी के लाल तुमको,
मेरा प्रणाम हो।।
रूद्र रूप में तुम हो शंकर,
अति रणबाकुर रूप भयंकर।
रूद्र रूप में तुम हो शंकर,
अति रणबाकुर रूप भयंकर।
कनक भूधरा तन को प्रणाम हो,
अँजनी के लाल तुमको,
मेरा प्रणाम हो।।
सत योजन किया सागर पारा।
तुम्हरे बल को नहीं सुमारा,
सत योजन किया सागर पारा।
तुम्हरे बल को नहीं सुमारा,
तुम तो प्रभु अतुलित बलधाम हो।
अँजनी के लाल तुमको,
मेरा प्रणाम हो।।
अक्षय मार वाटिका उजारि,
सोने की लंका पल में है जारी।
अक्षय मार वाटिका उजारि,
सोने की लंका पल में है जारी।
दुष्ट दलन तुम वीर हनुमान हो,
अँजनी के लाल तुमको,
मेरा प्रणाम हो।।
अंजनी के लाल तुमको,
मेरा प्रणाम हो।
शत शत प्रणाम,
कोटि कोटि प्रणाम हो।
अँजनी के लाल तुमको,
मेरा प्रणाम हो।।
श्री हनुमान जी को नमन करना, उनका स्मरण करना और उनकी भक्ति करना जीवन में हर प्रकार के भय और संकट को दूर कर देता है। अंजनी के लाल, तुमको मेरा प्रणाम हो भजन के माध्यम से हम अपने आराध्य हनुमान जी को श्रद्धा और प्रेम अर्पित करते हैं, क्योंकि वे भक्तों की हर विपदा हरने वाले, सच्चे रक्षक और मार्गदर्शक हैं।
हनुमान जी की कृपा से जीवन में आत्मबल, धैर्य और विजय प्राप्त होती है। यह भजन हमें यह प्रेरणा देता है कि हम भी अपने जीवन में सच्ची निष्ठा और भक्ति का मार्ग अपनाएं। आइए, प्रेम और भक्ति से श्री हनुमान जी का गुणगान करें और उनकी कृपा प्राप्त करें। जय श्री हनुमान!