Recently, I got scammed by this scam casino. At first, everything looked legitimate but once I deposited a larger amount and tried to withdraw my winnings i got scammed.

अमृत को छोड़ कर जहर काहे पीजे भजन लिरिक्स

हमारा मन अक्सर सांसारिक सुखों और मोह-माया में उलझ जाता है, जबकि सच्ची शांति और आनंद केवल प्रभु के नाम में है। अमृत को छोड़ कर जहर काहे पीजे भजन हमें यह सिखाता है कि जब राम नाम रूपी अमृत उपलब्ध है, तो फिर हम व्यर्थ के दुःख और मोह रूपी विष को क्यों अपनाएं? यह भजन हमें प्रभु श्रीराम की भक्ति की ओर प्रेरित करता है और हमें याद दिलाता है कि जीवन का वास्तविक सार केवल राम नाम के जाप में ही है।

Amrit ko Chhodkar Jahar Kahe Peejhe

अमृत को छोड़ कर,
जहर काहे पीजे
राम नाम लीजे,
और सदा मौज कीजे।।

मीठा राम नाम है,
और मीठी राम की कथा
मीठा राम रूप से,
कहो कौन है भला
बोलो इस मिठास पे,
कौन नही रीझे
राम नाम लीजे,
और सदा मौज कीजे।।

लोभ की नाव हो,
और मोह पतवार हो
छल का छिद्र हो तो,
कैसे बेड़ा पार हो
अपने ही कर्म पर,
अब काहे खीझे
राम नाम लीजे,
और सदा मौज कीजे।।

तेरे मेरे की कड़ी,
धूप चिलचिला रही
लोभ की गर्म हवा,
हृदय को जला रही
राम कृपा की घनी,
छाव तले रीजे
राम नाम लीजे,
और सदा मौज कीजे।।

देख तेरी दीनता,
पाप में मलीनता
विषयो में लीनता,
साधनों से हीनता
राम के सिवाय कहो,
किसका दिल पसीजे
राम नाम लीजे,
और सदा मौज कीजे।।

अमृत को छोड़ कर,
जहर काहे पीजे
राम नाम लीजे,
और सदा मौज कीजे।।

प्रभु श्रीराम के नाम में वह शक्ति है जो हर दुख, कष्ट और मोह-माया से हमें मुक्त कर सकती है। अमृत को छोड़ कर जहर काहे पीजे भजन हमें सिखाता है कि सांसारिक सुखों में उलझने के बजाय हमें श्रीराम की भक्ति रूपी अमृत को ग्रहण करना चाहिए। इस दिव्य अनुभूति को और गहराई से समझने के लिए राम से बड़ा राम का नाम, राम नाम जप ले, एक यही संग जाई, श्रीरामचंद्र कृपालु भज मन, अगर राघव के चरणों में जगह थोड़ी सी मिल जाए भजनों को भी पढ़ें और श्रीराम की भक्ति में लीन हो जाएं। जय श्रीराम! ????????

Leave a comment