नवरात्रि का पावन समय आते ही पूरा वातावरण माँ की भक्ति से गूंज उठता है। “आए नव दिन के नवराते, घर-घर में हो रहे जगराते” भजन माँ की महिमा और भक्तों की अपार श्रद्धा का सुंदर चित्रण करता है। नौ दिनों तक भक्तजन माँ की आराधना में लीन होकर जगराते करते हैं, भजन-कीर्तन गाते हैं और माँ के चरणों में अपनी भक्ति अर्पित करते हैं। यह भजन नवरात्रि के भक्तिमय माहौल को हृदय में संजोने का एक सुंदर माध्यम है।
Aaye Nav Din Ke Navrate Ghar Ghar Me Ho Rahe Jagrate
आये नव दिन के नवराते,
घर घर में हो रहे जगराते,
आए नव दिन के नवराते,
है जी रे दुर्गा भवानी,
हो दर्शन दो अम्बे रानी,
आए नव दिन के नवराते।1।
भक्त तुम्हारे बाट निहारे,
आ जाओ महारानी,
बड़ी देर से तुमको पुकारे,
करदो माँ मेहरबानी,
है जी रे दुर्गा भवानी,
हो दर्शन दो अम्बे रानी,
आए नव दिन के नवराते।2।
नव रूप तेरे है मनभावन,
नव दिन है बड़े पावन,
तुमसे है मैया प्रीत पुरानी,
ज्योत तेरी है लुभावन,
है जी रे दुर्गा भवानी,
हो दर्शन दो अम्बे रानी,
आए नव दिन के नवराते।3।
शेर पे सवार होके खप्पर वाली,
आ जाओ शेरावाली,
अष्ठ भुजी माँ आरासुरी माँ,
है दुर्गे महाकाली,
है जी रे दुर्गा भवानी,
हो दर्शन दो अम्बे रानी,
आए नव दिन के नवराते।4।
कुंमकुंम ना पगलीये मैया पधारो,
आरासुरी मां बुलाबे लाल थारो,
गब्बर की गोख में विराजे अम्बे रानी,
अम्बा जी मे बैठी है महारानी,
है जी रे दुर्गा भवानी,
हो दर्शन दो अम्बे रानी,
आए नव दिन के नवराते।5।
पावागढ़ से आओ ओ महाकाली,
दर्शन दो सांची ज्योतावाली,
महर करो माँ ओ मेहरवाली,
है काली कलकते वाली,
है जी रे दुर्गा भवानी,
हो दर्शन दो अम्बे रानी,
आए नव दिन के नवराते।6।
चिंता हरो माँ है चिन्त पुरणी,
कष्ट करो दुर मंगल करणी,
तू ही महालक्ष्मी तू ही चामुंडा,
तू ही शैल पुत्री माँ कुष्मांडा,
है जी रे दुर्गा भवानी,
हो दर्शन दो अम्बे रानी,
आए नव दिन के नवराते।7।
अबके नवरात मैया अँगना पधारो,
भूल हुई जो उसको बिसारो,
भगतो की मैया बिगड़ी सँवारो,
छोटी सी मेरी अर्ज स्वीकारो,
है जी रे दुर्गा भवानी,
हो दर्शन दो अम्बे रानी,
आए नव दिन के नवराते।8।
आये नव दिन के नवराते,
घर घर में हो रहे जगराते,
आए नव दिन के नवराते,
है जी रे दुर्गा भवानी,
हो दर्शन दो अम्बे रानी,
आए नव दिन के नवराते।9।
माँ दुर्गा की कृपा जिस घर में बरसती है, वहाँ सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है। “आए नव दिन के नवराते, घर-घर में हो रहे जगराते” भजन माँ की महिमा का गुणगान करता है और हमें माँ की भक्ति में लीन होने की प्रेरणा देता है। यदि यह भजन आपको नवरात्रि के भक्तिमय वातावरण से जोड़ता है, तो “दिल में अरमान है माँ, द्वार तेरे आऊँ मैं” भजन भी अवश्य करे, जिसमें भक्त माँ के दरबार में हाजिरी लगाने की प्रबल इच्छा व्यक्त करता है।