नवरात्रि का शुभ समय आते ही हर भक्त का हृदय माँ की भक्ति में डूब जाता है। आए मेरी माँ के पावन नवराते भजन माँ के आगमन की आनंदमयी अनुभूति को दर्शाता है, जब चारों ओर भक्ति का माहौल बन जाता है और भक्तजन प्रेमपूर्वक माँ के जगराते और पूजन में लीन हो जाते हैं। यह भजन हमें माँ की कृपा का एहसास कराता है और उनकी उपासना के महत्व को दर्शाता है।
Aaye Meri Maa Ke Pawan Navarate
आये मेरी माँ के,
पावन नवराते,
घर घर मे होंगे,
मैया के जगराते,
आये मेरी मां के,
पावन नवराते।1।
दर्श बिना मुझको,
आये न माँ अब चेन,
माँ तुमसे मिलने को,
तेरा लाल हुआ बेचैन,
गिन गिन के गुजारे,
माँ हमने दिन राते,
आये मेरी मां के,
पावन नवराते।2।
जिस घर आये माँ,
उस घर का भाग्योदय,
छाये वहाँ खुशहाली,
ये कहता है अजय,
दिलबर माँ के दर से,
पाई है सौगाते,
आये मेरी मां के,
पावन नवराते।3।
आये मेरी माँ के,
पावन नवराते,
घर घर मे होंगे,
मैया के जगराते,
आये मेरी मां के,
पावन नवराते।4।
माँ के नवरात्रि आते ही भक्तों के मन में उमंग और श्रद्धा की लहर दौड़ जाती है। “आए मेरी माँ के पावन नवराते” भजन माँ के दिव्य स्वरूप और उनकी भक्ति के महत्व को दर्शाता है। यदि यह भजन आपको नवरात्रि की भक्ति में रमाने वाला लगता है, तो “आए नव दिन के नवराते, घर-घर में हो रहे जगराते” भजन भी अवश्य करे, जिसमें माँ के जगरातों और भक्तों की आराधना का भावपूर्ण चित्रण किया गया है।