भक्ति और प्रेम से भरे कीर्तन में जब माँ को स्नेहपूर्वक बुलाया जाता है, तो भक्तों के हृदय में भक्ति का सागर उमड़ पड़ता है। आओ कीर्तन माही आज दादी जी थारा लाड करा भजन इसी आत्मीयता और श्रद्धा को दर्शाता है, जहाँ भक्त माँ को अपने बीच पाकर प्रेम और आनंद से ओत-प्रोत हो जाता है। आइए, इस भजन के माध्यम से माँ की भक्ति में डूबें और उनका प्रेम अनुभव करें।
Aao Kirtan Mahi Aaj Dadi Ji Thara Lad Kara
आओ कीर्तन माही आज,
दादी जी थारा लाड करा,
लाड करा ओ दादी लाड करा,
लाड करा ओ दादी लाड करा,
आओं कीर्तन माही आज,
दादी जी थारा लाड करा।1।
कीर्तन तो है एक बहानो,
थासु मिलने ताई,
टाबरिया दरबार सजायो,
थारा दर्शन ताई,
थारी ज्योति जलाई आज,
दादी जी थारा लाड करा,
आओं कीर्तन माही आज,
दादी जी थारा लाड करा।2।
चुनरी रोली काजल टिकी,
और बोरलो ल्याया,
नथली कुंडल चूड़ो पगल्या,
पायलड़ी म्हे ल्याया,
थारो सजा दियो सिणगार,
दादी जी थारा लाड करा,
आओं कीर्तन माही आज,
दादी जी थारा लाड करा।3।
भगता री कुटिया में दादी,
एक बार आकर देखो,
बालकिया रे नैना में,
थारी भक्ति रो रंग देखो,
आओ सिंह सवारी आज,
दादी जी थारा लाड करा,
आओं कीर्तन माही आज,
दादी जी थारा लाड करा।4।
मिलकर भजना में दादी जी,
थारी महिमा गावा,
थारे लाड प्यार की बाता,
सबने मैं बतलावा,
आके दर्शन दो साकार,
दादी जी थारा लाड करा,
आओं कीर्तन माही आज,
दादी जी थारा लाड करा।5।
आओ कीर्तन माही आज,
दादी जी थारा लाड करा,
लाड करा ओ दादी लाड करा,
लाड करा ओ दादी लाड करा,
आओं कीर्तन माही आज,
दादी जी थारा लाड करा।6।
माँ अपने भक्तों को कभी निराश नहीं करतीं, वे प्रेम और भक्ति से बुलाने पर अवश्य आती हैं और अपने आशीर्वाद से सबका जीवन संवारती हैं। “आओ कीर्तन माही आज दादी जी थारा लाड करा” भजन भक्तों के प्रेम और माँ की करुणा का अद्भुत संगम है। यदि यह भजन आपको भक्ति-भाव से भर देता है, तो “केड जाकर म्हे दादी का लाड़ लड़ावांगा” भजन भी अवश्य करे, जिसमें माँ के स्नेह और भक्तों के प्रेम का सुंदर चित्रण किया गया है।