Kahi Dekhi Nahi Aesi Baarat Ke Sun Sakhi Pavati
कही देखी नही एसी बारात के सुन सखी पावती
आगे आगे देवो की टोली बोले हर हर महादेव बोली,
तेरी जय हो बोले नाथ सुन सखी पार्वती
कही देखी नही एसी बारात के सुन सखी पावती
पीछे संगी भंगी का दल है पीते गांजा भंगिया तरल है
झूमे मस्ती में सारी बरात सुन सखी पार्वती
कही देखी नही एसी बारात के सुन सखी पावती
दुलाह राजा नंदी विराजे तन पे भस्मी और सर्प साजे,
जटा लम्बी तिरशूल डमरू हाथ के सुन सखी पार्वती
कही देखी नही एसी बारात के सुन सखी पावती
तू है सखी इक सुंदर सी बाला.
वर तेरा सखी ओगड़ है काला
तेरी कैसे निभेगी उस के साथ सुन सखी पार्वती
कही देखी नही एसी बारात के सुन सखी पावती

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile