Hoke Magan Bhole Dole
होके मगन भोले डोले,
पी के थोड़ी सी भंग
डम डम डमरू बाजे किड धिक् बोले मिरदंग,
पी के थोडी सी भंग
केलाश पे मस्ती छाई है भोले ने लीला रचाई है
शिव रात्री की बेला आई है धरती जग मगाई है
खाए सब हिचकोले पी के थोडी सी भंग
कही भजन कही भंडारे कही पे मेले लगे है
करने भोले के जय कारे गुरु और चेले लगे है
एजाज़ का मन डोले
पी के थोडी सी भंग
त्यौहार ये तो सुहाना है भोले का हर युग दीवाना है
दी जे तू साउंड बड़ा देना रिज़ा वाली का तराना है
डोले सचिन होले होल पी के थोड़ी भंग

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile