Ghuma De Bhole Jogiya
नन्दी पे बिठा के तू, घूमा दे भोले जोगियां,
देखूँ सारा सँसार, चले पर्वत के उस पार,
दुनियाँ देखन दे देखन दे,
कलयुग का ये दौर,गौरा बदली सारी दुनियाँ,
बड़ा स्वार्थी सँसार, वहाँ जाना है बेकार,
तप कर लेन दे कर लेन दे,
नन्दी पे बिठा के तू, घूमा दे भोले जोगियाँ……
कैसी भोले तुमने दुनियाँ बनाई, देखूँगी एक बार हो,
पापी अधर्मी लोग यहाँ पे, बहुत बुरा सँसार हो,
तुम तो कहते मेरे जगत में, तुम तो कहते मेरे जगत में,
होती है जय जयकार हो,
गौरा रानी सुनो ये है, माया की नगरियाँ,
देखूँ सारा सँसार, चले पर्वत के उस पार,
दुनिया देखन दे देखन दे,
नन्दी पे बिठा के तू, घूमा दे भोले जोगिया…..
मैने सुना पिया पृथ्वी लोक में, पावन है हरिद्वार हो,
हरिद्वार ही गंगा धाम है, कहते है हरी का द्वार हो,
ले चल भोले गंगा किनारें, ले चल भोले गंगा किनारे,
देखूंगी चमत्कार हो,
होती है क्यो व्याकुल, इतनी गणपति की ओ मैया,
बड़ा स्वार्थी संसार, वहां जाना है बेकार,
तप कर लेन दे कर लेन दे,
नन्दी पे बिठा के तू, घूमा दे भोले जोगिया,
गौरा रानी ये गंगा धाम तो, लाखोँ योजन दूर हो,
तुम तो अंतर्यामी हो भोले, फिर काहे मजबूर हो,
अच्छा गौरा गंगा धाम अब, अच्छा गौरा गंगा धाम अब,
हम जाएँगे जरुर हो,
देर नही करो चलो, ओ भोले सांवरिया,
देखूं सारा संसार, चले पर्वत के उस पार,
दुनिया देखन दे देखन दे,
नन्दी पे बिठा के तू, घूमा दे भोले जोगिया,
नंदी पे बिठा के तू, घूमा दे भोले जोगिया……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile