Hume Dhan Daulat Ki Chah Nahi
हमें धन दौलत की चाह नहीं,
हम शिव के चेले है,
हम शिव के चेले है,
अपने मालिक भोले है,
हमें दुनिया की परवाह नहीं,
हम शिव के चेले है………
भस्म रमाए तन पर,
शिवशम्भु तो वन वन घूमे,
औघड़ रूप सजाकर अपनी,
मस्ती में वो झूमे,
लगा दे आसन जहाँ,
वहां लग जाते मेले है,
हमे धन दौलत की चाह नही,
हम शिव के चेले है………
महादेव के नाम की हमको,
ऐसी लगन लगी है,
हर हर नमः शिवाय की मन में,
अब तो अलख जगी है,
शिव रहते मेरे साथ यही,
हम नहीं अकेले है,
हमे धन दौलत की चाह नही,
हम शिव के चेले है……
स्वर्ग नहीं बैकुंठ नहीं,
ना मोक्ष की हमको आशा,
‘उर्मिल’ तो बस शिव शम्भू के,
दर्शन का है प्यासा,
शिव के सिवा कोई राह नहीं,
यहाँ बड़े झमेले है,
हमें धन दौलत की चाह नहीं,
हम शिव के चेले है,
हम शिव के चेले है,
अपने मालिक भोले है,
हमें दुनिया की परवाह नहीं,
हम शिव के चेले है………

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile