Shankar Bholanath Hai Humara Tumhara
शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा हमारा तुम्हारा,
महाकाल की नगरी मे पाउ जनम दोबारा….
इस नगरी के कंकर पत्थर हम बन जाए,
भक्त हमारे उपर चढकर मंदिर जाए,
भक्तजनो के पाव पड़े तो हो उद्धार हमारा,
बाबा भोलानाथ है हमारा तुम्हारा हमारा तुम्हारा…….
जब भी ये तन त्यागु त्यागु क्षिप्रा तट पर,
इतना करना स्वामी ओर मरु मर्घत पर,
मेरी भसमी चड़े आप पर पाउ प्यार तुम्हारा,
शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा हमारा तुम्हारा………
जय भोला भंडारी जय गौरा त्रिपुरारी,
रखियो लाज हमारी सब जग के हितकारी,
मन की इक्च्चा पूरण हो तो होवे वारा न्यारा,
बाबा भोलानाथ है हमारा तुम्हारा हमारा तुम्हारा…….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile