Om Jai Shiv Jai Mahakal
ॐ जय शिव जय महाकाल,
स्वामी जय शम्भू महाकाल,
ज्योतिर्लिंग स्वरूपा,
ज्योतिर्लिंग स्वरूपा,
तुम कालो के काल,
ओम जय शिव जय महाकाल…..
बारह ज्योतिर्लिंग में,
महिमा बड़ो है नाम,
क्षिप्रा तट उज्जैन में,
महाकाल को धाम,
ओम जय शिव जय महाकाल।।
तुम भीमेश्वर देवा,
तुम काशी विश्वनाथ,
गोमती तट त्रयंभकेश्वर,
दारूकवन नागनाथ,
ओम जय शिव जय महाकाल।।
हाथ जोड़ तेरे द्वारे,
काल खड़ा लाचार,
सुर नर असुर चराचर,
सब के हो करतार,
ओम जय शिव जय महाकाल।।
चिता भस्म से तेरो,
नित नित हो श्रृंगार,
भक्तन का मन मोहे,
तेरो रूप निहार,
ओम जय शिव जय महाकाल।।
भस्म आरती तेरी,
अद्भुत है भगवन,
भाग्यवान नर नारी,
पाएं शुभ दर्शन,
ओम जय शिव जय महाकाल।।
साथ में गणपति गौरा,
कार्तिक है देवा,
द्वार खड़े है नंदी,
नित उठ करे सेवा,
ओम जय शिव जय महाकाल।।
जो जन तेरा दर्शन,
श्रद्धा से कर जाए,
मौत अकाल ना आए,
सुख वैभव पा जाए,
ओम जय शिव जय महाकाल।।
महाकाल की आरती,
जो नर नारी गाए,
कहत महेश प्रभु से,
मन इच्छा फल पाए,
ओम जय शिव जय महाकाल।।
ॐ जय शिव जय महाकाल,
स्वामी जय शम्भू महाकाल,
ज्योतिर्लिंग स्वरूपा,
ज्योतिर्लिंग स्वरूपा,
तुम कालो के काल,
ओम जय शिव जय महाकाल…….

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile