भोले दी बरात चढ़ी गज वज के भजन लिरिक्स

भोले दी बरात चढ़ी गज वज के पढ़ने जा रहे हैं, वह भगवान शिव के भव्य विवाह समारोह का वर्णन करता है। इस भजन में शिव जी के विवाह की बारात का उल्लासपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किया गया है, जिसमें भगवान शिव अपनी गरज और गाज के साथ अपनी बारात लेकर गौरी के पास पहुँचते हैं।

Bhole Di Barat Chadhi Gaj Vaj Ke Bhajan Lyrics

भोले दी बरात चढ़ी,
गज वज के,
सारीया ने भंग पीती,
रज रज के,
हो सारीया ने सारीया ने,
सारीया ने भगत पियारिया ने,
भोलें दी बरात चढ़ी,
गज वज के,
सारीया ने भंग पीती,
रज रज के।।

ब्रह्मा विष्णु खुशी मनांदे,
देवी देव जयकारे लौंदे,
बन के बाराती आए,
सज धज के,
सारीया ने भंग पीती,
रज रज के।
भोलें दी बरात चढ़ी,
गज वज के,
सारीया ने भंग पीती,
रज रज के।।

भोले वखरा रूप बणाया,
गौरा मैया नाल ब्याह रचाया,
वेखनु ने आए सारे,
भज भज के,
सारीया ने भंग पीती,
रज रज के।
भोलें दी बरात चढ़ी,
गज वज के,
सारीया ने भंग पीती,
रज रज के।।

‘राजू वी हरिपुरिये’ गाणी,
महिमा शिव दी कहे ‘शिवानी’,
साज भी ना थकदे,
बज बज के,
सारीया ने भंग पीती,
रज रज के।
भोलें दी बरात चढ़ी,
गज वज के,
सारीया ने भंग पीती,
रज रज के।।

भोले दी बरात चढ़ी,
गज वज के,
सारीया ने भंग पीती,
रज रज के,
हो सारीया ने सारीया ने,
सारीया ने भगत पियारिया ने,
भोलें दी बरात चढ़ी,
गज वज के,
सारीया ने भंग पीती,
रज रज के।।

“भोले दी बरात चढ़ी गज वज के” भजन हमें भगवान शिव के भव्य विवाह के महोत्सव में भाग लेने का एक अद्भुत अनुभव प्रदान करता है। यह भजन भगवान शिव की शक्ति और दिव्यता को दर्शाता है, और उनके आशीर्वाद से हम अपने जीवन में हर संकट से उबर सकते हैं। जो भी इस भजन को श्रद्धा से पढ़े या नियमित रूप से करे, वह भगवान शिव के आशीर्वाद से अपना जीवन सुखमय बना सकता है। यदि यह भजन आपके दिल को शांति और संतोष प्रदान करता है, तो “जो उज्जैन की शान है वो बाबा महाकाल है”, “महाकाल से मिलने चला सवारी वाला”, “भोले जी तेरे द्वार का दीवाना” और “शिव शंभू तेरी महिमा न्यारी” जैसे अन्य शिव भजनों को भी पढ़ें। ये भजन आपकी शिव भक्ति को और गहरा और सशक्त बनाएंगे।


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