लगन निकले नारद बाबा देख गौरी के हाथ भजन लिरिक्स

लगन निकले नारद बाबा देख गौरी के हाथ पढ़ने जा रहे हैं, वह भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की सुंदर कथा को उजागर करता है। इस भजन में नारद मुनि द्वारा गौरी के हाथों में शिवजी का लगन देखने के बाद उनके विवाह के आनंद का वर्णन किया गया है। भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन की कथा ने संसार में प्रेम और भक्ति का एक अनोखा संदेश दिया है।

Lagan Nikle Narad Baba Dekh Gauri Ke Hath Bhajan Lyrics

लगन निकले नारद बाबा,
देख गौरी के हाथ,
गौरी की शादी है,
भोले बाबा के साथ,
गौरी की शादी है,
भोले बाबा के साथ।।

मुश्किल से दूल्हा हुए है राजी,
बीच मे माने न गौरा के माँ जी,
मेरी बेटी कभी न देगी,
शिव के हाथ में हाथ,
गौरी की शादी है,
भोले बाबा के साथ,
गौरी की शादी है,
भोले बाबा के साथ।।

तो औघड़ भंगिया चबाये,
पारबती को यहां भूखे सुलाए,
क्या खाएगी वहाँ पे गौरी,
पके न रोटी भात,
गौरी की शादी है,
भोले बाबा के साथ,
गौरी की शादी है,
भोले बाबा के साथ।।

जीवन भर गौरी भाँग पिसेगी,
फुटि किस्मत पे अपनी माँ को कोसेगी,
मर जाएगी साथ में इनके,
हो जाऊंगी अनाथ,
गौरी की शादी है,
भोले बाबा के साथ,
गौरी की शादी है,
भोले बाबा के साथ।।

शिव ने जब सुंदर रूप बनाया,
तब जा के दूल्हा को मण्डप में लाया,
‘फणि’ भक्त सब नाचो गाओ,
जब जब हो शिवरात,
गौरी की शादी है,
भोले बाबा के साथ,
गौरी की शादी है,
भोले बाबा के साथ।।

लगन निकले नारद बाबा,
देख गौरी के हाथ,
गौरी की शादी है,
भोले बाबा के साथ,
गौरी की शादी है,
भोले बाबा के साथ।।

“लगन निकले नारद बाबा देख गौरी के हाथ” भजन हमें यह सिखाता है कि भगवान शिव और माता पार्वती के प्रेम में ही असली सुख और शांति है। जो भी इस भजन को श्रद्धा से पढ़े या नियमित रूप से करे, वह भगवान शिव और माता पार्वती के आशीर्वाद से निहाल होता है। यदि यह भजन आपके दिल को शांति और संतोष प्रदान करता है, तो “जो उज्जैन की शान है वो बाबा महाकाल है”, “महाकाल से मिलने चला सवारी वाला”, “भोले जी तेरे द्वार का दीवाना” और “शिव शंभू तेरी महिमा न्यारी” जैसे अन्य शिव भजनों को भी पढ़ें। ये भजन आपकी शिव और पार्वती भक्ति को और गहरा और सशक्त बनाएंगे।

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