गुरु का आशीर्वाद जीवन का सबसे बड़ा संबल होता है। जब वे अपने कृपा भरे हाथ सिर पर रखते हैं, तो भक्त के सारे भय, कष्ट और दुख दूर हो जाते हैं। “मेरे सर पर रख दो गुरुवर अपने ये दोनों हाथ” भजन इसी गहरे भाव को प्रकट करता है कि गुरु की छत्रछाया में ही जीवन की वास्तविक शांति और सुरक्षा मिलती है। आइए, इस भजन के माध्यम से गुरु कृपा की अनुभूति करें और अपने मन को उनके चरणों में समर्पित करें।
Mere Sar Par Rakhdo Guruvar Apne Ye Dono Hath Bhajan Lyrics
मेरे सर पर रखदो गुरुवर,
अपने ये दोनों हाथ,
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ।।
इस जनम मे सेवा देकर,
बहूत बड़ा अहसान कीया,
तू ही साथी तू ही खिवैया,
मैंने तुझे पहचान लिया,
हम साथ रहे जन्मों तक,
हम साथ रहे जन्मों तक,
बस रखना इतनी बात,
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ।।
देने वाले गुरुवर हो तो,
धन और दौलत क्या मांगे,
गुरु से अपने मांगे तो फिर,
नाम और इज्जत क्या मांगे,
मेरे जीवन में अब कर दे,
मेरे जीवन में अब कर दे,
तू किरपा की बरसात,
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ।।
गुरूजी तेरे चरणों की धूली,
धन दौलत से महंगी है,
एक नज़र कृपा की गुरुवर,
नाम इज्जत से महंगी है,
मेरे दिल की तम्मना यही है,
मेरे दिल की तम्मना यही है,
करूँ सेवा तेरी दिन रात,
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ।।
सुना है हमने शरणागत को,
अपने गले लगाते हो,
ऐसा हमने क्या माँगा जो,
देने से घबराते हो,
चाहे जैसे रखलो गुरूजी,
चाहे जैसे रखलो गुरूजी,
बस होती रहे मुलाकात,
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ।।
मेरे सर पर रखदो गुरुवर,
अपने ये दोनों हाथ,
देना हो तो दीजिए,
जनम जनम का साथ।।
गुरु का आशीर्वाद वह दिव्य ऊर्जा है, जो जीवन के हर अंधकार को मिटाकर रोशनी भर देता है। “मेरे सर पर रख दो गुरुवर अपने ये दोनों हाथ” भजन हमें सिखाता है कि सच्चे समर्पण और श्रद्धा से ही हमें गुरु की कृपा प्राप्त होती है। ऐसे ही अन्य भक्तिमय भजनों जैसे “गुरु चरणों की महिमा अपार”, “गुरु बिना जीवन अधूरा”, “गुरु वाणी का प्रकाश”, और “गुरु कृपा से जीवन सफल” को पढ़ें और गुरु भक्ति में अपने मन को और दृढ़ करें।