गुरुदेव की कृपा से हमारा जीवन रूपी कोरा कागज अर्थपूर्ण बन जाता है। “एक कोरे कागज पे तूने कलम चलाई है” भजन में यही भावना व्यक्त की गई है कि बिना गुरुदेव के आशीर्वाद के हमारा अस्तित्व अधूरा है। जब सतगुरु की दृष्टि हम पर पड़ती है, तो वे हमारी जीवनगाथा को प्रेम, ज्ञान और भक्ति से भर देते हैं।
Ek Kore Kagaj Pe Tune Kalam Chalai Hai Bhajan Lyrics
एक कोरे कागज पे,
तूने कलम चलाई है,
सत पथ की राह गुरु,
तूने दिखलाई है,
एक कोरे कागज़ पे,
तूने कलम चलाई है।।
माता ने जन्म दिया,
गुरुवर को सौंप दिया,
अज्ञान अंधेरों का,
क्षण भर में लोप किया,
सत्कर्म सरल भाषा,
तूने सिखलाई है,
एक कोरे कागज़ पे,
तूने कलम चलाई है।।
तू ज्ञान का सागर है,
गुणगान करे तेरा,
सद्गुण की गागर है,
सम्मान करें तेरा,
प्रभुवर से मिलने की,
युक्ति बतलाई है,
एक कोरे कागज़ पे,
तूने कलम चलाई है।।
सद्गुरु मिल जाने से,
जीवन खिल जाता है,
भव पार उतरने का,
रास्ता मिल जाता है,
ऐ ‘हर्ष’ गुरु तुमसे,
मुक्ति मिल पाई है,
एक कोरे कागज़ पे,
तूने कलम चलाई है।।
एक कोरे कागज पे,
तूने कलम चलाई है,
सत पथ की राह गुरु,
तूने दिखलाई है,
एक कोरे कागज़ पे,
तूने कलम चलाई है।।
गुरुदेव ही हमारे जीवन के सच्चे मार्गदर्शक हैं, जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। यदि यह भजन आपके मन में श्रद्धा जगा रहा है, तो “सतगुरु तुम सागर मैं मीना तुम बिन रह ना पाउंगी”, “गुरुवर तुमसे इतना कहना चरणों में तुम्हरे रहना”, “गुरुदेव की महिमा गाए चरणों में शिश नवाए” और “गुरुवर के चरणों में मेरा है प्रणाम” जैसे अन्य भजनों को भी पढ़ें और गुरुदेव की महिमा का गुणगान करें।