Badi Asha Lagaye Nihare Tumhe
बड़ी आशा लगाए निहारे तुम्हे,
क्षण विरह के मिलन में बदल जाएंगे।
नाथ कबतक रहेंगे रूठे भला,
देखकर प्रेम आंसू पिघल जाएंगे।
बड़ी आशा लगाये निहारें तुम्हे,
क्षण विरह के मिलन में बदल जाएंगे।।
शबरी केवट जटायु अहिल्या आदि के,
पास पहुंचे स्वयं वो अवध छोड़कर।
ये है गाथाएं सच तो भरोसा हमें,
ये है गाथाएं सच तो भरोसा हमें,
खुद-ब-खुद नाथ आकर के मिल जाएंगे।
नाथ कबतक रहेंगे रूठे भला,
देखकर प्रेम आंसू पिघल जाएंगे।।
दर्शन देने रघुवर जी आएँगे जब,
हम ना मानेंगे अपनी चलाए बिना।
जाने ना देंगे वापस किसी शर्त पर,
जाने ना देंगे वापस किसी शर्त पर,
पद कमल को पकड़कर मचल जाएंगे।
नाथ कबतक रहेंगे रूठे भला,
देखकर प्रेम आंसू पिघल जाएंगे।।
फिर सुनाएंगे खोटी खरी आपको,
और पूछेंगे देरी लगाई कहाँ।
फिर निवेदन करेंगे ना छोड़ो हमें,
फिर निवेदन करेंगे ना छोड़ो हमें,
प्रभु चरणों में हम सब लिपट जाएंगे।
नाथ कबतक रहेंगे रूठे भला,
देखकर प्रेम आंसू पिघल जाएंगे।।
स्वप्न साकार होगा तभी राम जी,
हम पे हो जाए थोड़ी कृपा आपकी।
पूर्ण कर दो मनोरथ हम सब के,
पूर्ण कर दो मनोरथ हम सब के,
जाने कब प्राण तन से निकल जाएंगे।
बड़ी आशा लगाये निहारें तुम्हे,
क्षण विरह के मिलन में बदल जाएंगे।।
बड़ी आशा लगाए निहारे तुम्हे,
क्षण विरह के मिलन में बदल जाएंगे।
नाथ कबतक रहेंगे रूठे भला,
देखकर प्रेम आंसू पिघल जाएंगे।
बड़ी आशा लगाये निहारें तुम्हे,
क्षण विरह के मिलन में बदल जाएंगे।।

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile