चली पनिया भरन शिव नार सागर में उतारी गागरिया लिरिक्स

चली पनिया भरन शिव नार सागर में उतारी गागरिया भजन शिव जी के भक्तों की श्रद्धा और भक्ति को व्यक्त करता है। यह भजन उनकी पूजा की सरलता और सत्यता का प्रतीक है, जिसमें भक्त अपने निःस्वार्थ प्रेम और श्रद्धा से शिव जी के दरबार तक पहुंचने की प्रार्थना करते हैं। इसमें बताया जाता है कि कैसे एक साधारण व्यक्ति भी भगवान शिव के पास अपनी श्रद्धा से पहुंच सकता है, चाहे वह किसी भी परिस्थिति में हो।

Chali Paniya Bharan Shiv Naar Sagar Me Utari Gagariya


इठलाती हुई बल खाती हुई।
चली पनिया भरन शिव नार,
सागर में उतारी गागरिया।।

रूप देख कर सागर बोला,
कौन पिता महतारी,।
कौन देश की रहने वाली,
कौन पुरुष की नारी।
बता दे कौन पुरुष की नारी,
हौले हौले गौरा बोले,
छाया है रूप अपार रे।
सागर में उतारी गागरिया।
इठलाती हुई बल खाती हुई,
चली पनियां भरन शिव नार,
सागर में उतारी गागरिया।।

राजा हिमाचल पिता हमारे,
मैनावती महतारी,
शिव शंकर है पति हमारे।
मैं उनकी घर नारी,
समुंदर मैं उनकी घर नारी।
जल ले जाऊं पिय नहलाऊं,
तू सुन ले वचन हमार रे,
सागर में उतारी गागरिया।
इठलाती हुई बल खाती हुई,
चली पनियां भरन शिव नार,
सागर में उतारी गागरिया।।


कहे समुंदर छोड़ भोले को,
पास हमारे आओ।
चौदह रत्न छुपे है मुझमे,
बैठी मौज उड़ाओ,
गिरजा बैठी मौज उड़ाओ।
वो है योगिया पीवत भंगिया,
क्यों सहती कष्ट अपार रे,
सागर में उतारी गागरिया।
इठलाती हुई बल खाती हुई,
चली पनियां भरन शिव नार,
सागर में उतारी गागरिया।।

क्रोधित होकर चली है गौरा,
पास भोले के आई,
तुम्हरे रहते तके समुंदर।
सारी कथा सुनाई,
भोले को सारी कथा सुनाई।
शिव कियो जतन,
सागर को मथन,
लियो चौदह रतन निकाल रे,
सागर में उतारी गागरिया।
इठलाती हुई बल खाती हुई,
चली पनियां भरन शिव नार,
सागर में उतारी गागरिया।।

इठलाती हुई बल खाती हुई,
चली पनिया भरन शिव नार,
सागर में उतारी गागरिया।।

इस भजन के माध्यम से हमें यह सिखने को मिलता है कि भगवान शिव के चरणों में बसा हुआ प्रेम और श्रद्धा सबसे महान होता है। शिव जी के भजनों में जीवन की सच्चाई और भक्ति का आदान-प्रदान किया जाता है। अगर आप इस भजन को ध्यानपूर्वक पढ़ते हैं तो आप शिव जी की कृपा और आशीर्वाद का अनुभव कर सकते हैं। इसी तरह के अन्य भजनों, जैसे शिव का आशीर्वाद, भोलेनाथ की महिमा, और “शिव शंकर की भक्ति” के माध्यम से आप शिव जी के साथ और भी जुड़ सकते हैं और उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

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