शिव ही सत्य है शिव ही सुन्दर भजन लिरिक्स

शिव ही सत्य है शिव ही सुन्दर यह भजन उस अद्वितीय तत्व को उजागर करता है जो सम्पूर्ण सृष्टि का सार है। जब हम शिव को निहारते हैं, तो हमें सत्य, सौंदर्य और सृजन का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। इस भक्ति गीत के माध्यम से आपको शिव के उस दिव्य सौंदर्य और सनातन सत्य की अनुभूति कराने आया हूँ, जिसे जानने से जीवन धन्य हो जाता है।

Shiv Hi Satya Hai Shiv Hi Sundar

शिव ही सत्य है,
शिव ही सुन्दर…
शिव ही सब गुण आगर है,
भोले दानी भोलेनाथ…
शिव जी तो दया के सागर है,
शिव जी तो दया के सागर है।।

गौरी पति शिव हर हर शम्भु,
जय कैलाशी भजा करो…
ॐ नमः शिवाय निरंतर,
मन ही मन में जपा करो…
नीलकंठ विष पिने वाले,
शिव अमृत के गागर है…
भोले दानी भोलेनाथ,
शिव जी तो दया के सागर है,
शिव जी तो दया के सागर है।।

शिव का अद्भुत रूप निराला,
गले में सर्पो की माला…
तन पे भस्म रमाए जोगी,
मस्तक चंद्र है उजियारा,
जटा में सोहे गंगा जिनकी…
ऐसे शिव गंगाधर है,
भोले दानी भोलेनाथ,
शिव जी तो दया के सागर है,
शिव जी तो दया के सागर है।।

अंत वही आरम्भ वही,
शिव से ही सारी सृष्टि है…
‘उर्मिल’ वो तो है बड़भागी,
जिस पर इनकी दृष्टि है,
सारे जग में शिव की सत्ता…
भोले दानी भोलेनाथ,
शिव जी तो दया के सागर है,
शिव जी तो दया के सागर है।।

शिव ही सत्य है,
शिव ही सुन्दर…
शिव ही सब गुण आगर है,
भोले दानी भोलेनाथ…
शिव जी तो दया के सागर है,
शिव जी तो दया के सागर है।।

शिव जी के स्वरूप में ही सत्य और सौंदर्य दोनों समाहित हैं वो कालातीत भी हैं और कल्याणकारी भी। यह भजन उन भक्तों के लिए दीपक है जो अपने हृदय में शिवत्व का प्रकाश जलाना चाहते हैं। ऐसे ही भावपूर्ण भजनों से शिवभक्ति को और गहराई दी जा सकती है, जैसे कि शिव अनादि है शिव ही सत्य है, ओ शंकर भोले जपती मैं तुमको हरदम, भोलेनाथ तुम्हारा भोलापन, और देवों के देव है ये महादेव कहलाते हैं। इन भजनों को भी अवश्य पढ़ें और अपने भीतर शिवमय भावों को जागृत करें। हर हर महादेव!










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