राम जी से पूछे जनकपुर की नारी भोजपुरी भजन लिरिक्स

राम जी से पूछे जनकपुर की नारी एक भावपूर्ण भोजपुरी भजन है, जिसमें जनकपुर की नारी श्रीराम के प्रति अपनी श्रद्धा और प्रेम को व्यक्त करती है। इस भजन के माध्यम से जनकपुरी की नारी भगवान श्रीराम से पूछती है कि क्या उनके चरणों में बसे प्रेम और भक्ति के बराबर कोई और सुख है। यह भजन हमें यह सिखाता है कि सच्चा प्रेम और भक्ति वही है जो भगवान राम के प्रति अडिग हो, और यही प्रेम हमें जीवन में सच्चे सुख की ओर मार्गदर्शन करता है। पढ़ें और इस भजन की सुंदरता का अनुभव करें, और राम के चरणों में समर्पित हो जाएं।

Ram Ji Se Puchhe Janakpur Ki Naari

राम जी से पूछे जनकपुर की नारी
बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,
बता दा बबुआ।।

तोहरा से पुछु मैं ओ धनुषधारी,
एक भाई गोर काहे एक काहे कारी
बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,
बता दा बबुआ।।

इ बूढ़ा बाबा के पक्कल पक्कल दाढ़ी,
देखन में पातर खाये भर थारी
बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,
बता दा बबुआ।।

राजा दशरथ जी कइलन होशियारी,
एकता मरद पर तीन तीन जो नारी
बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,
बता दा बबुआ।।

कहथिन सनेह लता मन में बिचारिन,
हम सब लगैछी पाहून सर्वो खुशहाली
बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,
बता दा बबुआ।।

राम जी से पूछे जनकपुर की नारी
बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी,
बता दा बबुआ।।

राम जी से पूछे जनकपुर की नारी भजन भगवान श्रीराम की महिमा और भक्ति को उजागर करता है। यह भजन हमें यह सिखाता है कि राम के प्रति सच्ची भक्ति और प्रेम जीवन के हर क्षेत्र में सुख और शांति ला सकते हैं। राम जी के अन्य भजनों को पढ़ें जैसे राम नाम का जादू दुनिया पे छा रहा है, राम नाम अलबेला, राम सिया राम से नयनाभिरामा से कह देना मेरा प्रणाम, और श्री राम नाम गुण गाए जा। जय श्रीराम!

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