जब भक्ति अपने चरम पर होती है, तब भक्त अपने आराध्य के आगमन की राह तकते-तकते व्याकुल हो जाता है। अखियां हो रही लाल गुलाल श्याम मेरे घर अब आओगे भजन इसी भाव को प्रकट करता है। प्रेम और श्रद्धा में डूबा भक्त अपने श्याम से आग्रह करता है कि वे उसके घर पधारें, उसकी बगिया को अपने दिव्य चरणों से पावन करें। आइए, इस भावपूर्ण भजन को पढ़ें और श्याम बाबा के आगमन की अनुभूति करें।
Akhiyan Ho Rahi Lal Gulal Shyam Mere Ghar Ab Aaoge
अखियां हो रही लाल गुलाल,
श्याम मेरे घर अब आओगे,
घर कब आओगे श्याम,
मेरे घर कब आओगे,
बोलो बोलो मदन गोपाल,
श्याम मेरे घर कब आओगे।।1।।
बाट निहारत थक गए नैना,
तुम बिन मोहे पड़त नाहीं चैना,
क्यों भूले नंदलाल,
श्याम मेरे घर कब आओगे,
बोलो बोलो मदन गोपाल,
श्याम मेरे घर कब आओगे।।2।।
तुमसे नेह लगाई ओ रसिया,
मन हर लीनो मेरो मन बसिया,
नटखट हो नंदलाल,
श्याम मेरे घर कब आओगे,
बोलो बोलो मदन गोपाल,
श्याम मेरे घर कब आओगे।।3।।
मन में ज्वाला आँखों में पानी,
किससे कहूँ दुःख दर्द कहानी,
विरह व्यथित भयो हाल,
श्याम मेरे घर कब आओगे,
बोलो बोलो मदन गोपाल,
श्याम मेरे घर कब आओगे।।4।।
तुम्हरे दर पे जो कोई आया,
मनवांछित फल तुरंत ही पाया,
रखियो म्हारो खयाल,
श्याम मेरे घर कब आओगे,
बोलो बोलो मदन गोपाल,
श्याम मेरे घर कब आओगे।।5।।
अखियां हो रही लाल गुलाल,
श्याम मेरे घर अब आओगे,
घर कब आओगे श्याम,
मेरे घर कब आओगे,
बोलो बोलो मदन गोपाल,
श्याम मेरे घर कब आओगे।।6।।
श्याम बाबा जब भक्त के जीवन में आते हैं, तो उसके सारे दुख, कष्ट और अधूरी इच्छाएं समाप्त हो जाती हैं। उनकी इसी कृपा को खाटू वाले तेरा जवाब नहीं, खाटू वाले श्याम धणी का फाग महोत्सव आ गया, आई जो रुत फाग की आई सजल अखियां मुसकाई, मांगो दातार से खाटू दरबार से जैसे अन्य भजनों में भी महसूस किया जा सकता है। आइए, इन भजनों को भी पढ़ें और श्याम बाबा की भक्ति में और गहराई से डूबें। जय श्री श्याम! ????????