बाबा पिले मीठी चाय भक्तो ने मन से बनाई है

बाबा पिले मीठी चाय भक्तो ने मन से बनाई है —यह भजन भक्तों के स्नेह और समर्पण की सुंदर झलक प्रस्तुत करता है। जब श्रद्धा और प्रेम से कोई चीज़ बनाई जाती है, तो वह केवल एक भोग नहीं, बल्कि भक्त की भक्ति का प्रतीक बन जाती है। यह भजन श्याम प्रेमियों की उस भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है, जब वे अपने आराध्य के लिए छोटी-छोटी चीज़ों को भी बड़े प्रेम और आदर से अर्पित करते हैं।

Baba Pile Mithi Chay Bhakto Ne Man Se Banai Hai

बाबा पिले मीठी चाय,
भक्तो ने मन से बनाई है।1।

जामे लोंग इलायची डाली है,
फिर जाको खूब उबाली है,
जामे लोंग इलायची डाली है,
फिर जाको खूब उबाली है,
चाय पीके कर दो काम,
भक्तो ने मन से बनाई है।2।

जामे अदरक कूट के डारी है,
चाय पत्ती पद्म श्री वारी है,
जामे अदरक कूट के डारी है,
चाय पत्ती पद्म श्री वारी है,
चाय पीके कर दो कमाल,
भक्तो ने मन से बनाई है।3।

जामे प्यार भाव की फेरी है,
फीकी और मीठी वारी है,
जामे प्यार भाव की फेरी है,
फीकी और मीठी वारी है,
चाय पीके झूमे बाबा श्याम,
भक्तो ने मन से बनाई है।4।

खाटू में दुकान ये डारि है,
कल्लू भैया की चाय निराली है,
खाटू में दुकान ये डारि है,
कल्लू भैया की चाय निराली है,
गुड्डू भैया झूमे और पिलाये,
भक्तो ने मन से बनाई है।5।

बाबा पिले मीठी चाय,
भक्तो ने मन से बनाई है।6।

श्याम बाबा भक्तों के प्रेम से अधिक कुछ नहीं चाहते, और जब कोई सच्चे मन से उन्हें पुकारता है, तो वे जरूर स्वीकार करते हैं। यह भजन भी हमारे मन में वही श्रद्धा और समर्पण जागृत करता है। यदि यह भजन आपको भावविभोर कर गया, तो बैठे बैठे खाटू में ओ सांवरे, म्हाने रंग दो नाथ थारे रंग में, और खाटू का राजा एक तरफ जैसे भजनों को भी अवश्य पढ़ें और श्याम प्रेम में रम जाएं। जय श्री श्याम! 🙏☕🎶

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