इस संसार में सभी जीव अपने जीवन की खेती करते हैं, लेकिन सबसे उत्तम और फलदायी खेती वही है, जो हरि के नाम से की जाए। जिस प्रकार किसान मेहनत से खेतों में बीज बोता है और उचित समय पर फसल प्राप्त करता है, उसी प्रकार जो भक्त अपने मन में हरि नाम का बीज बोता है, वह आनंद और मोक्ष रूपी फल प्राप्त करता है। मनवा खेती करो हरी नाम की भजन हमें यह सिखाता है कि इस जीवन रूपी खेत में हमें केवल हरि नाम का बीज बोना चाहिए, जिससे हमारे जीवन में सच्ची शांति और आनंद का संचार हो।
Manva Kheti Karo Hari Naam Ki
मनवा खेती करो हरी नाम की….
पैसा ना लागे रुपया ना लागे,
ना लागे कवडी दमड़ी,
बोलो राम राम राम,
बोलो श्याम श्याम श्याम,
मनवा खेती करो हरी नाम की……
मन के बैल गुरु दिशा भटके,
रस्सी लगाओ गुरु ज्ञान की,
बोलो राम राम राम,
बोलो श्याम श्याम श्याम,
मनवा खेती करो हरी नाम की…….
कहत कबीरा सुन भाई साधू,
भक्ति करो हरी हर की,
बोलो राम राम राम,
बोलो श्याम श्याम श्याम,
मनवा खेती करो हरी नाम की……
जो व्यक्ति हरि नाम की खेती करता है, वह इस संसार के मोहजाल से मुक्त होकर प्रभु के चरणों में स्थान पाता है। मनवा खेती करो हरी नाम की भजन हमें प्रेरित करता है कि हम भी अपने मन में हरि नाम के बीज बोएं और भक्ति की फसल लहलहाने दें। इस भक्ति भाव को और गहराई से अनुभव करने के लिए आप “श्री हरि की महिमा अपार”, “गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो”, “नारायण, नारायण जय गोविंद हरे” और “संकट हरन श्री विष्णु जी” जैसे अन्य भजनों का भी पाठ करें और भगवान विष्णु की असीम कृपा का अनुभव करें। ????????