भोले की किरपा है मौत से क्या डरना है

जब शिव जी का आशीर्वाद साथ हो, तो जीवन के किसी भी भय का कोई अस्तित्व नहीं रहता। भोले की कृपा है, मौत से क्या डरना है भजन इसी अटूट विश्वास और भक्ति की भावना को प्रकट करता है। शिव जी संहार के देवता होते हुए भी करुणा और प्रेम से भरे हुए हैं। यह भजन हमें यह सिखाता है कि शिव भक्ति के मार्ग पर चलते हुए हमें केवल अपने कर्तव्यों पर ध्यान देना चाहिए और बाकी सब भोलेनाथ पर छोड़ देना चाहिए।

Bhole Ki Kirpa Hai Maut Se Kya Darna Hai

भोले भोले भोले भोले,
भोलेनाथ भोलेनाथ,
भोलेनाथ।1।

जीवन ये तेरा है,
तुझपे ही मरना है,
भोले की किरपा है,
मौत से क्या डरना है,
संकट में वो ही देगा साथ,
देगा साथ,
भोलेनाथ।2।

यहाँ न कोई,
पैसों की माया है,
दुनिया में बस,
मेरा भोला समाया है,
भोले का ध्यान करो,
दिन और रात,
दिन और रात,
भोलेनाथ।3।

आदि भी वो ही,
अनंत भी वो ही है,
आरंभ भी वो ही और,
अंत भी वो ही है,
यहां न कोई,
जात और पात,
जात और पात,
भोलेनाथ।4।

आरटी म्यूजिक भी,
गुण तेरे ही गाता है,
चन्द्रमौलि हे भगवन,
तुझको रिझाता है,
योगेश्वर तू ही है,
सबका नाथ,
सबका नाथ,
भोलेनाथ।5।

भोले भोले भोले भोले,
भोलेनाथ भोलेनाथ,
भोलेनाथ।6।

भोले की कृपा है, मौत से क्या डरना है भजन करने से यह एहसास होता है कि महादेव के चरणों में ही सच्ची शांति और मुक्ति है। जब शिव जी की कृपा बरसती है, तो भय, कष्ट और शोक स्वयं ही समाप्त हो जाते हैं। अगर आपको यह भजन अच्छा लगा, तो शिव तांडव स्तोत्र, शिव चालीसा, जय शिव ओंकारा आरती, और महामृत्युंजय मंत्र भी करें। ये सभी भजन शिव जी की अपार महिमा का बखान करते हैं और हमें उनकी भक्ति में और गहराई से जोड़ते हैं। ????✨

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