जग जननी दया करके मेरे घर भी आ जाना भजन लिरिक्स

जब भक्त अपने हृदय से माँ को पुकारता है, तो माँ उसे निराश नहीं करतीं। जग जननी दया करके मेरे घर भी आ जाना भजन इसी भक्तिपूर्ण भावना को व्यक्त करता है। यह भजन एक भक्त की भावनाओं को प्रकट करता है, जो माँ जगदंबा से प्रार्थना करता है कि वे उसके घर पधारें और अपना आशीर्वाद प्रदान करें। आइए, इस भजन के माध्यम से माँ के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करें।

Jag Janani Daya Karke Mere Ghar Bhi Aa Jana

जग जननी दया करके,
मेरे घर भी आ जाना,
पावन घर आँगन को,
हे मात बना जाना,
जग जननी दया करकें,
मेरे घर भी आ जाना।1।

युग युग से तरस रहे,
नैना तेरे दर्शन को,
बैठा हूँ बिछाए हुए,
तेरी राह में पलकन को,
इन व्याकुल नैनो की,
माँ प्यास बुझा जाना,
जग जननी दया करकें,
मेरे घर भी आ जाना।2।

एक बार तो मौका दो,
तेरे चरण पखारूँ मैं,
तेरे नूरी मुखड़े को,
जी भर के निहारूं मैं,
दो पल ही सही मुझको,
एक झलक दिखा जाना,
जग जननी दया करकें,
मेरे घर भी आ जाना।3।

अच्छा हूँ बुरा हूँ मैं,
जो भी हूँ तुम्हारा हूँ,
मुझको भी सहारा दो,
माँ मैं बेसहारा हूँ,
भटका हुआ रही हूँ,
मुझे राह दिखा जाना,
जग जननी दया करकें,
मेरे घर भी आ जाना।4।

कहते है तेरे दिल में,
ममता का सागर है,
इस दास की आखिर क्यों,
खाली माँ गागर है,
दो बून्द माँ ममता की,
मुझको भी पिला जाना,
जग जननी दया करकें,
मेरे घर भी आ जाना।5।

जग जननी दया करके,
मेरे घर भी आ जाना,
पावन घर आँगन को,
हे मात बना जाना,
जग जननी दया करकें,
मेरे घर भी आ जाना।6।

माँ जगदंबा करुणामयी हैं, जो अपने भक्तों की पुकार को कभी अनसुना नहीं करतीं। यदि सच्चे मन से माँ को बुलाया जाए, तो वे अपने भक्तों के कष्ट हरने जरूर आती हैं। इसी भक्ति भाव को और गहराई से महसूस करने के लिए आप “माई तू सकल जगत आधार” और “बता दो हे जगत जननी मेरा उद्धार कैसे हो” जैसे भजनों को भी सुन सकते हैं। माँ की कृपा हम सभी पर बनी रहे और उनके आशीर्वाद से हमारा जीवन सुखमय हो। जय माता दी! ????✨

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