हे देवी मैया धीर धरैया तेरे सिवा माँ जग में लिरिक्स

हे देवी मैया धीर धरैया, तेरे सिवा माँ जग में भजन एक भक्त की अपने इष्ट से भावनात्मक प्रार्थना है। जब जीवन में संघर्ष बढ़ जाते हैं और मनुष्य खुद को असहाय महसूस करता है, तब केवल मां दुर्गा ही सहारा बनती हैं। यह भजन हमें सिखाता है कि मां की शरण में आने वाला भक्त कभी भी अकेला नहीं होता। आइए, इस भजन के भावपूर्ण बोलों के साथ मां की भक्ति में लीन हों और उनके चरणों में श्रद्धा अर्पित करें।

Hay Devi Maiya Dhir Dharaiya Tere Siva Maa Jag Me

हे देवी मैया धीर धरैया,
तेरे सिवा माँ जग में,
कौन सुनेगा हमारी,
मैया आस बंधी है तुम्हारी,
हे जग जननी हे जन्म संगिनी,
लाई है माँ तू ही जग में,
सबकी तु पालनहारी,
मैया आस बंधी है तुम्हारी।1।

जब तक है ये जीवन,
करती रहूं तेरी सेवा भजन,
दुख दूर करें तेरा दर्शन,
तेरे पग छु के मन होता प्रसन्न,
तू तो सब जाने क्या तुझसे छुपाऊं,
तुझे न सुनाऊँं तो किसे सुनाऊँ,
सुख दुख की ये बतियां सारी,
कौन सुनेगा हमारी मैया,
आस मां एक तुम्हारी।2।

सुमर सुमर तुझे दिन गुजरे,
धर्म डगर से न मन उतरे,
ज्योति अखंड तेरी मै जलाऊँ,
भक्ति की रीत माँ नित मै निभाऊँ,
जैसी है माँ तु सदा सुहागन,
खिलता रहे सदा हर घर आँगन,
ममता के सब हैँ पुजारी,
तेरी महिमा पे जग बलिहारी,
तू तो देवों की तारण हारी,
मैया आस बंधी है तुम्हारी।3।

हे देवी मैया धीर धरैया,
तेरे सिवा माँ जग में,
कौन सुनेगा हमारी,
मैया आस बंधी है तुम्हारी,
हे जग जननी हे जन्म संगिनी,
लाई है माँ तू ही जग में,
सबकी तु पालनहारी,
मैया आस बंधी है तुम्हारी।4।

मां दुर्गा ही सच्चा सहारा हैं, उनकी भक्ति से ही मन को शांति और जीवन को नई दिशा मिलती है। यदि यह भजन आपके हृदय को छू गया, तो आपको [“सुनो सुनो ऐ प्राणी जन महिमा जगदम्ब भवानी की”](दूसरे भजन का लिंक डालें) भजन भी अवश्य सुनना चाहिए, जो मां जगदंबा की असीम महिमा का गुणगान करता है। आइए, भक्ति के इस सुर में डूब जाएं और मां की कृपा का अनुभव करें। जय माता दी! ????

Leave a comment