पार करो मैया मझधार में है नैया भजन लिरिक्स

जीवन की राह में कई बार हमें कठिनाई और संघर्षों का सामना करना पड़ता है। पार करो मैया मझधार में है नैया भजन में भक्त अपनी माँ से प्रार्थना करता है कि जब जीवन के महासागर में वह डूबते-डूबते महसूस करता है, तो माँ उसे अपनी कृपा से पार लगा दें। यह भजन एक प्रतीक है उन कठिन परिस्थितियों का, जहां भक्त उम्मीद खो बैठता है, लेकिन माँ की महिमा और उनके आशीर्वाद से वह फिर से अपने जीवन को नई दिशा प्राप्त करता है।

Par Karo Maiya Majhdhar Me Hai Naiya

सुनलो पुकार ओ मैया,
करो उपकार ओ मैया,
पार करो मैया,
मझधार में है नैया,
सुनलो पुकार ओ मैया,
करो उपकार ओ मैया।1।

जीवन का मेरे सारा काम अधूरा,
करदे कृपा ओ माँ हो जाए पूरा,
माँ तू है खेवैया,
मझधार में है नैया,
पार करों मैया,
मझधार में है नैया
सुनलो पुकार ओ मैया,
करो उपकार ओ मैया।2।

चारो तरफ है घना अँधेरा,
महामयी मैया तू करदे उजाला,
शरण ले लो मैया,
मझधार में है नैया,
पार करों मैया,
मझधार में है नैया
सुनलो पुकार ओ मैया,
करो उपकार ओ मैया।3।

सुनलो पुकार ओ मैया,
करो उपकार ओ मैया,
पार करो मैया,
मझधार में है नैया,
सुनलो पुकार ओ मैया,
करो उपकार ओ मैया।4।

माँ दुर्गा का आशीर्वाद ही है, जो हमें जीवन के कठिनतम हालातों से बाहर निकालता है और हमें जीत की राह दिखाता है। “पार करो मैया मझधार में है नैया” भजन माँ के प्रति एक अनगिनत श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है, जो भक्त की प्रत्येक पुकार को स्वीकार कर उसे जीवन के संघर्षों से उबार लेती है। माँ के आशीर्वाद से ही हर मुश्किल आसान हो जाती है। अगर यह भजन आपके दिल को छू गया हो, तो किसने सजाया तुझको मैया भजन, जब जब भी पुकारू माँ तुम दौड़ी चली आना, मेरी माँ आ जाती मेरे सामने भजन भी सुन सकते हैं, जो माँ के आशीर्वाद और उनकी उपस्थिति को महसूस कराता है, जैसे वह हमेशा अपने भक्तों के साथ होती हैं।

Leave a comment