माँ अंबे दे दो चरण कमल की धूल लिरिक्स

माँ अंबे के चरणों की धूल भी भक्तों के लिए वरदान के समान होती है, जो जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाती है। माँ अंबे दे दो चरण कमल की धूल भजन माँ की कृपा और उनके चरणों की महिमा का वर्णन करता है। जब भी कोई भक्त सच्चे मन से माँ की भक्ति करता है, तो माँ उसकी हर इच्छा पूर्ण करती हैं और अपने आशीर्वाद से जीवन को प्रकाशित कर देती हैं।

Maa Ambe De Do Charan Kamal Ki Dhul Lyrics

माँ अंबे दे दो चरण कमल की धूल,
मेरी भूल जाओ हर भूल,
मां अंबे दे दो चरण कमल की धूल।1।

मैं निर्बल हूँ बल दो माता,
प्यासे मन को जल दो माता,
इस तन का कुछ फल दो माता,
कही हो ना जाए निर्मूल,
मां अंबे दे दो चरण कमल की धूल,
मेरी भूल जाओ हर भूल,
मां अंबे दे दो चरण कमल की धूल।2।

जहाँ जले माँ ज्योत तुम्हारी,
रैन रहे न वहां अंधियारी,
सुखमय जीवन की फुलवारी,
कही हो ना जाए बबूल,
मां अंबे दे दो चरण कमल की धूल,
मेरी भूल जाओ हर भूल,
मां अंबे दे दो चरण कमल की धूल।3।

माँ अंबे दे दो चरण कमल की धूल,
मेरी भूल जाओ हर भूल,
मां अंबे दे दो चरण कमल की धूल।4।

माँ अंबे की कृपा अपार है, और उनके चरणों की धूल भी भक्तों के लिए संजीवनी के समान है। “माँ अंबे दे दो चरण कमल की धूल” भजन हमें भक्ति और समर्पण का महत्व समझाता है। यदि यह भजन आपको भक्ति के भाव में डुबो देता है, तो “दुर्गा नाम है तेरा काली नाम है तेरा” भजन भी अवश्य पढ़े, जिसमें माँ दुर्गा के दिव्य रूपों का गुणगान किया गया है।

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