जब माँ लक्ष्मी का आह्वान सच्चे हृदय से किया जाता है, तो वे कृपा बरसाने अवश्य आती हैं और अपने भक्तों के जीवन को समृद्धि, सुख और वैभव से भर देती हैं। मैया लक्ष्मी पधारो द्वार, भरे यश वैभव से भंडार भजन माँ लक्ष्मी के इसी दिव्य आशीर्वाद को दर्शाता है। आइए, इस भजन के माध्यम से माँ लक्ष्मी का वंदन करें और उनके आशीर्वाद से अपना जीवन धन-धान्य से परिपूर्ण करें।
Maiya Lakshmi Padharo Dvar Bhare Yash Vaibhav Se Bhandar
मैया लक्ष्मी पधारो द्वार,
भरे यश वैभव से भंडार,
भक्त पुकार रहे,
तुझे निहार रहे।1।
निर्धन की झोली भरती हो,
धन की वर्षा तुम करती हो,
मिले मान सम्मान अपार,
छाए खुशियों की बहार,
भक्त पुकार रहे,
तुझे निहार रहे।2।
उमा रमा तुमपे बलिहारी,
पूजा करते देव तुम्हारी,
तुम बिन ना कोई त्यौहार,
तुमसे चलता है संसार,
भक्त पुकार रहे,
तुझे निहार रहे।3।
जो कोई भी तुमको ध्याता,
रिद्धि सिद्धि धन वो है पाता,
जिस घर में तुम्हारा वास,
‘अर्चू’ उसका बेडा पार,
भक्त पुकार रहे,
तुझे निहार रहे।4।
मैया लक्ष्मी पधारो द्वार,
भरे यश वैभव से भंडार,
भक्त पुकार रहे,
तुझे निहार रहे।5।
माँ लक्ष्मी की कृपा से हर द्वार खुशियों और समृद्धि से भर जाता है, क्योंकि वे केवल धन ही नहीं, बल्कि सौभाग्य और मंगलमय जीवन का आशीर्वाद भी देती हैं। “मैया लक्ष्मी पधारो द्वार, भरे यश वैभव से भंडार” भजन इसी मंगलकामना को प्रकट करता है। यदि यह भजन आपको माँ लक्ष्मी की कृपा का अनुभव कराता है, तो “जब दीप जले मैया तुझे मैं याद करूँ” भजन भी अवश्य करे, जिसमें भक्त माँ को हर दीपक की लौ के साथ स्मरण करता है और उनसे अपने जीवन को आलोकित करने की प्रार्थना करता है।