सूर्य अर्घ्य मंत्र का जाप प्राचीन काल से ही सूर्य देव को प्रसन्न करने का शक्तिशाली माध्यम रहा है। जब श्रद्धालु सूर्योदय के समय अर्घ्य देते हुए इस मंत्र का उच्चारण करता है, तो सूर्य देव की ऊर्जा और कृपा सीधा जीवन में प्रवाहित होती है। Surya Arghya Mantra जीवन में स्वास्थ्य, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा लाने का एक दिव्य साधन है। सूर्य को जल चढ़ाने के साथ रोज इन मंत्रों का जाप करें-
Surya Arghya Mantra
एहि सूर्य! सहस्त्रांशो! तेजो राशे! जगत्पते!
अनुकम्प्यं मां भक्त्या गृहाणार्घ्य दिवाकर॥
ऊँ नमो भगवते श्री सूर्याय क्षी तेजसे नम:। ऊँ खेचराय नम:॥
ऊँ महासेनाय नम:। ऊँ तमसे नम:॥
ऊँ रजसे नम:। ऊँ सत्वाय नम:॥
ऊँ असतो मा सद्गमय॥
तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मामृतं गमय॥
हंसो भगवाञ्छुचिरूप: अप्रतिरूप:॥
विश्वरूपं घृणिनं जातवेदसं हिरण्मयं ज्योतीरूपं तपन्तम्॥
सहस्त्ररश्मि: शतधा वर्तमान: पुर: प्रजानामुदत्येष सूर्य:॥
ऊँ नमो भगवते श्रीसूर्यायादित्याक्षितेजसे हो वाहिनि वाहिनि स्वाहेति॥

हर दिन Surya Arghya Mantra के साथ साधना आरंभ कर आप सूर्य की कृपा और ऊर्जा का अद्भुत अनुभव कर सकते हैं। यदि आप सूर्य साधना को और भी प्रभावशाली बनाना चाहते हैं तो सूर्य बीज मंत्र और 12 सूर्य मंत्र के नियमित जप से जीवन में तेज और स्थिरता आती है। भक्तिपूर्ण दिनचर्या के लिए आप सूर्य स्तोत्र का पाठ भी करें, जो सूर्य देव की महिमा को विस्तार से प्रकट करता है।
इस मंत्र का जाप कब और कैसे करें
Surya Arghya Mantra In Hindi तभी फल देगा, जब उसका जाप सही समय और विधि से किया जाए। इसलिए हमने मंत्र जाप की विधि को भी दिया है-
- सुबह उठना: सूर्य को अर्घ्य देने का सर्वोत्तम समय ब्रह्ममुहूर्त (सुबह 4:30 – 6:00) होता है। स्नान करके शुद्ध वस्त्र पहनें, विशेषकर लाल या केसरिया रंग के।
- जल तैयार करें: तांबे के लोटे में स्वच्छ जल लें और उसमें कुछ रोली, लाल फूल और चावल डालें। यह जल सूर्य अर्घ्य के लिए विशेष माना जाता है।
- अर्घ्य दें: सूर्य देव की पहली किरण को देखकर पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़े हो जाएं। अब लोटे से धीरे-धीरे जल छोड़ते हुए नीचे देखना चाहिए, और साथ ही सूर्य अर्घ्य मंत्र का उच्चारण करें।
- श्रद्धा से करें: जल छोड़ते समय “ॐ सूर्याय नमः” या “ॐ आदित्याय नमः” मंत्र को तीन बार उच्चारित करें। हर बार जल छोड़ने के साथ आभार और साधना की भावना रखें।
- कृतज्ञता: अर्घ्य पूर्ण होने पर आंखें बंद करके कुछ क्षण ध्यान करें और सूर्य देव का आभार प्रकट करें कि उन्होंने आपको जीवन, ऊर्जा और प्रकाश प्रदान किया।
सही समय पर श्रद्धा से किया गया जाप आपके भीतर स्थिरता और ऊर्जा का संचार करता है।
FAQ
सूर्य को अर्घ्य क्यों दिया जाता है?
सूर्य अर्घ्य से शरीर को उर्जा मिलती है, दृष्टि शक्ति बढ़ती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। यह वैदिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अर्घ्य देने का सही समय क्या होता है?
सूर्योदय का समय, विशेषतः ब्रह्ममुहूर्त, अर्घ्य देने के लिए सर्वोत्तम होता है।
क्या इसका जाप रोज़ करना जरुरी है?
नहीं, लेकिन नियमित रूप से अर्घ्य देने के साथ मंत्र का जाप अत्यंत लाभकारी होता है।
क्या बच्चे भी इस मंत्र का जाप कर सकते हैं?
हाँ, बच्चे भी मंत्र का जाप कर सकते हैं। यह सभी के लिए समान रूप से लाभकारी है, चाहे स्त्री हो या पुरुष या बच्चा।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile