भक्त और भगवान का रिश्ता आत्मा से जुड़ा होता है, जहां पूर्ण समर्पण ही सबसे बड़ा धन होता है। “ये भोले बाबा मेरे हैं, मेरे हैं भंडारी” भजन उसी अनन्य भक्ति और प्रेम का प्रतीक है, जिसमें भक्त अपने आराध्य शिव से गहरा जुड़ाव महसूस करता है। जब हम इस भजन का पाठ करते हैं, तो यह एहसास होता है कि भोलेनाथ हमारे सच्चे संरक्षक हैं, जो हर परिस्थिति में हमारे साथ खड़े रहते हैं।
Ye Bhole Baba Mere Hai Bhandari
ये भोले बाबा मेरे है,
मेरे है भंडारी,
ये शंकर मेरे है मेरे है,
मेरे है त्रिपुरारी,
ये भोलेबाबा मेरे हैं,
मेरे है भंडारी।1।
रिमझिम बूंदे सावन की बरसे,
भोले से मिलने को मनवा तरसे,
भोले से मिलने को मनवा तरसे,
भजन ऐसा गाउंगी गाउंगी,
देखे दुनिया सारी,
ये भोलेबाबा मेरे हैं,
मेरे है भंडारी।2।
शिव शंकर की मैं हूँ दीवानी,
सारी दुनिया से मैं बेगानी,
सारी दुनिया से मैं बेगानी,
मूरत शिव शंकर की शंकर की,
लागे प्यारी प्यारी,
ये भोलेबाबा मेरे हैं,
मेरे है भंडारी।3।
शिव भोले का ध्यान लगा के,
बम बम की जयकार बुला के,
बम बम की जयकार बुला के,
मैं मस्ती मनाऊंगी मनाऊंगी,
सारे जग से न्यारी,
ये भोलेबाबा मेरे हैं,
मेरे है भंडारी।4।
पड़ गए है सावन के झूले,
झूल रहे है शंकर भोले,
झूल रहे है शंकर भोले,
मैं झूला झुलाऊंगी झुलाऊंगी,
झूलेंगे भंडारी,
ये भोलेबाबा मेरे हैं,
मेरे है भंडारी।5।
ये भोले बाबा मेरे है,
मेरे है भंडारी,
ये शंकर मेरे है मेरे है,
मेरे है त्रिपुरारी,
ये भोलेबाबा मेरे हैं,
मेरे है भंडारी।6।
भोलेनाथ अपने भक्तों को कभी अकेला नहीं छोड़ते, वे दयालु भंडारी हैं, जो अपने भक्तों को कृपा से भर देते हैं। “ये भोले बाबा मेरे हैं, मेरे हैं भंडारी” भजन की तरह “हमको तो बस भोलेनाथ चाहिए”, “भोलेनाथ ने पकड़ा हाथ नहीं तो मैं बह जाता”, “मांगना है तो भोले से मांगो”, और “शिव का जपले नाम क्या लागे तेरा” जैसे भजन भी हमें शिवजी की अटूट कृपा और भक्ति की अनुभूति कराते हैं। आइए, इन पावन भजनों का पाठ करें और भोलेनाथ के चरणों में अपना मन अर्पित करें। ????????

मैं आचार्य ब्रह्मदत्त, सनातन धर्म का एक साधक और आध्यात्मिक ज्ञान का प्रचारक हूँ। मेरा जीवन देवी-देवताओं की आराधना, वेदों-पुराणों के अध्ययन और भक्ति मार्ग के अनुसरण में समर्पित है। सूर्य देव, खाटू श्याम, शिव जी और अन्य देवी-देवताओं की महिमा का गुणगान करना मेरे लिए केवल एक लेखन कार्य नहीं, बल्कि एक दिव्य सेवा है। मैं अपने लेखों के माध्यम से भक्तों को पूजन विधि, मंत्र, स्तोत्र, आरती और धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान सरल भाषा में प्रदान करने का प्रयास करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने आध्यात्मिक पथ को सुगम और सार्थक बना सके। View Profile