यहाँ आओ दामन के फैलाने वाले शिव भजन लिरिक्स

Yahan Aao Daman Ke Failane Wale Shiv Bhajan Lyrics

दोहा-
अकाल मौत वो मरे,
जो काम करे चंडाल का,
काल उसका क्या बिगाड़े,
जो भक्त हो महाकाल का।

यहाँ आओ दामन के फैलाने वाले,
यहाँ आके भोले के दर से मिलेगा,
नही मिल सका आज तक जो कही से,
वो सावन में भोले के दर से मिलेगा।।

कैलाश के भोले तुम रहने वाले,
भक्तों पे ऐसी कृपा करने वाले,
सावन का महीना है कृपा करदो भोले,
सावन का महीना है कृपा करदो भोले,
जल चढ़ाने आए है दर पे तुम्हारे,
यहां आओ दामन के फैलाने वाले,
यहां आके भोले के दर से मिलेगा।।

कुछ ऐसे भी दीवाने आए है दर पर,
जो दस्ते तलब तक बढ़ाते नही है,
तुम्ही भोले अपने करम को बढ़ाओ,
तुम्ही भोले अपने करम को बढ़ाओ,
नही तो इन्हे फिर कहाँ से मिलेगा,
यहां आओ दामन के फैलाने वाले,
यहां आके भोले के दर से मिलेगा।।

यहां आओ दामन के फैलाने वाले,
यहां आके भोले के दर से मिलेगा,
नही मिल सका आज तक जो कही से,
वो सावन में भोले के दर से मिलेगा।।

“यहाँ आओ दामन के फैलाने वाले शिव” भजन हमें यह सिखाता है कि जब हम सच्चे दिल से भगवान शिव की शरण में जाते हैं, तो वह अपने भक्तों के जीवन में आकर उन्हें सभी कष्टों से मुक्ति दिलाते हैं। जो भी इस भजन को श्रद्धा से पढ़े या नियमित रूप से करे, वह शिवजी की अनंत कृपा और आशीर्वाद का अनुभव करता है। यदि यह भजन आपके हृदय को छू गया हो, तो “जो उज्जैन की शान है वो बाबा महाकाल है”, “महाकाल से मिलने चला सवारी वाला”, “भोले जी तेरे द्वार का दीवाना” और “शिव शंभू तेरी महिमा न्यारी” जैसे अन्य शिव भजनों को भी पढ़ें। ये भजन आपकी शिव भक्ति को और भी गहरा और सशक्त बनाएंगे।


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