वो मरेगा अकाल मृत्यु करे जो काम चांडाल का भजन एक गहरी चेतावनी और जीवन के मार्गदर्शन को प्रस्तुत करता है। इस भजन में यह बताया गया है कि जो लोग अनुशासनहीन और पापपूर्ण कार्य करते हैं, उन्हें अकाल मृत्यु का सामना करना पड़ता है। यह भजन हमें सत्कर्मों की ओर प्रेरित करता है और भगवान शिव के न्याय को समझाता है।
Wo Marega Aakal Mrityu Kare Jo Kaam Chandal Ka bhajan Lyrics
वो मरेगा अकाल मृत्यु,
करे जो काम चांडाल का,
काल उसका क्या करे जो,
भक्त हो महाकाल का।।
हर हर महादेव,हर हर महादेव,
हर हर महादेव, हर हर महादेव।
नगर अवन्ति अंत न जिसका,
ऋषि मुनि कहते ज्ञानी,
वही नगर उज्जैन जहाँ पर,
महाकाल भोले दानी,
महाकाल भोले दानी,
जहाँ मौत आने से डरती,
जहाँ मौत आने से डरती,
पहरा भैरव लाल का,
काल उसका क्या करे जो,
भक्त हो महाकाल का।।
हर हर महादेव,हर हर महादेव,
हर हर महादेव, हर हर महादेव।
यहाँ सवेरा वेद सुनाता,
और पुराण मई शाम है,
धन्य धन्य उज्जैन नगरिया,
लाखो तुम्हे प्रणाम है,
लाखो तुम्हे प्रणाम है,
यहाँ के दर्शन से कटता है,
यहाँ के दर्शन से कटता है,
फंदा दुखो के जाल का,
काल उसका क्या करे जो,
भक्त हो महाकाल का।।
हर हर महादेव,हर हर महादेव,
हर हर महादेव, हर हर महादेव।
पतित पावनी क्षिप्रा का जल,
जो श्रध्दा से पान करे,
जन्म जन्म के पाप मिटाती,
जो इसमें स्नान करे,
जो इसमें स्नान करे,
यहीं बसे माता हरसिद्धि,
यहीं बसे माता हरसिद्धि,
श्रृष्टि की संचालिका,
काल उसका क्या करे जो,
भक्त हो महाकाल का।।
हर हर महादेव,हर हर महादेव,
हर हर महादेव, हर हर महादेव।
यहाँ का कण कण देवतुल्य है,
वेद पुराण यही बोले,
महाकाल भक्तो के खातिर,
भंडारा अपना खोले,
भंडारा अपना खोले,
कल्पवृक्ष के जैसी नगरी,
कल्पवृक्ष के जैसी नगरी,
फल मीठा इस डाल का,
काल उसका क्या करे जो,
भक्त हो महाकाल का।।
हर हर महादेव,हर हर महादेव,
हर हर महादेव, हर हर महादेव।
वो मरेगा अकाल मृत्यु,
करे जो काम चांडाल का,
काल उसका क्या करे जो,
भक्त हो महाकाल का।।
हर हर महादेव,हर हर महादेव,
हर हर महादेव, हर हर महादेव।
यदि आप भी भगवान शिव के न्याय और आशीर्वाद का अनुभव करना चाहते हैं, तो शिव भोले शंकर प्यारे भक्तो के है रखवाले और तेरी जय हो भोलेनाथ तेरा डम डम डमरू बाज रहा जैसे भजन भी गा सकते हैं, जो भगवान शिव के आशीर्वाद को और गहरा करेंगे। इन भजनों के साथ हम भगवान शिव के प्रति अपनी भक्ति को और भी प्रगाढ़ कर सकते हैं।

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile