उज्जैन से खाटू नगरी आए भोलेनाथ जी

उज्जैन से खाटू नगरी आए भोलेनाथ जी भजन शिव जी की व्यापकता और उनकी भक्तों पर असीम कृपा का वर्णन करता है। उज्जैन के महाकाल, जो स्वयं काल के भी अधिपति हैं, जब खाटू नगरी पधारते हैं, तो पूरी सृष्टि उनके स्वागत में झूम उठती है। यह भजन दर्शाता है कि भगवान शिव भक्तों के आह्वान पर किसी भी स्थान पर प्रकट हो सकते हैं। उनकी महिमा अपरंपार है, और वे सच्चे हृदय से की गई भक्ति से शीघ्र प्रसन्न होते हैं।

Ujjain Se Khatu Nagri Aaye Bholenath Ji

उज्जैन से खाटू नगरी,
आए भोलेनाथ जी,
मिलवाने ये तो म्हारे,
बाबा श्याम से,
करने थोड़ी बात से,
आए उज्जैन के महाकाल जी,
उज्जैन से खाटु नगरी,
आए भोलेनाथ जी।1।

हाथ त्रिशूल गले सर्पों की माला,
आया भूत बाराती,
नंदी नाचे संगी नाचे,
नाचे है महाकाल जी,
लेकर के पूरी टोली भोलेनाथ जी,
ओ बाबा भोलेनाथ जी,
आए उज्जैन के महाकाल जी,
उज्जैन से खाटु नगरी,
आए भोलेनाथ जी।2।

ब्रम्हा आए विष्णु आए,
संग में मेरे राम जी,
देख सवारी घबरा जाए,
ऐसे है महाकाल जी,
नंदी पर चढ़कर आए भोलेनाथ जी,
ओ बाबा भोलेनाथ जी,
आए उज्जैन के महाकाल जी,
उज्जैन से खाटु नगरी,
आए भोलेनाथ जी।3।

श्याम धणी ने पता चला है,
आ रहे महाकाल जी,
ना ही अब तो चैन पड़े है,
ना ही करे श्रृंगार जी,
नीले को लेने भेजे तोरण द्वार जी,
ओ बाबा तोरण द्वार जी,
आए उज्जैन के महाकाल जी,
उज्जैन से खाटु नगरी,
आए भोलेनाथ जी।4।

तोरण द्वार पे पहुंच गए हैं,
आ गए महाकाल जी,
ढोल नगाड़ा बजाड़ा वाले,
इंद्र करे बरसात जी,
‘मयूरी’ भी पहुंची देखो,
‘अमन’ भी पहुंचा देखो खाटू धाम जी,
ओ बाबा खाटू धाम जी,
आए उज्जैन के महाकाल जी,
उज्जैन से खाटु नगरी,
आए भोलेनाथ जी।5।

उज्जैन से खाटू नगरी,
आए भोलेनाथ जी,
मिलवाने ये तो म्हारे,
बाबा श्याम से,
करने थोड़ी बात से,
आए उज्जैन के महाकाल जी,
उज्जैन से खाटु नगरी,
आए भोलेनाथ जी।6।

उज्जैन से खाटू नगरी आए भोलेनाथ जी भजन करने से हमें शिव जी की अपार कृपा और उनके दिव्य प्रेम का अनुभव होता है। वे भक्तों की पुकार कभी अनसुनी नहीं करते और सदा उनके दुखों को हरने के लिए तत्पर रहते हैं। अगर आपको यह भजन पसंद आया, तो महाकाल आरती, शिव तांडव स्तोत्र, शिव चालीसा, और हर हर महादेव भजन भी करें। ये सभी भजन शिव जी की भक्ति में डूबने और उनकी कृपा प्राप्त करने का उत्तम मार्ग हैं। ????✨

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