शिवभक्त का हृदय जब महादेव की भक्ति में डूब जाता है, तो हर क्षण उसे केवल शिव की याद रहती है। “तुम्हारी याद में शिव जी मैं पूजा करने आया हूँ” भजन इसी अनन्य प्रेम और भक्ति का प्रतीक है, जिसमें भक्त शिवजी के चरणों में आकर उन्हें समर्पित हो जाता है। जब हम इस भजन का पाठ करते हैं, तो हमें ऐसा अनुभव होता है जैसे हम स्वयं शिवालय में खड़े होकर भोलेनाथ की पूजा कर रहे हों, उनके चरणों में अपना समर्पण अर्पित कर रहे हों।
Tumhari yaad me shiv ji main pooja karne aaya hun
तुम्हारी याद में शिव जी,
मैं पूजा करने आया हूँ,
ये गंगा जल हरिद्वारी,
चढ़ाने शिव को लाया हूँ।1।
ये चंदन लीजिए स्वामी,
ये अक्षत लीजिए शंकर,
राम का नाम लिख लिख कर,
बेलपत्री भी लाया हूँ,
तुम्हारी याद मे शिवजी,
मैं पूजा करने आया हूँ।2।
धतूरा भी मैं लाया हूँ,
पुष्प माला गले पहनो,
थाल दीपक सज़ा करके,
धूप देने को आया हूं,
तुम्हारी याद मे शिवजी,
मैं पूजा करने आया हूँ।3।
ये विजया घोट कर लाया,
इसे धारण करो भोले,
ये दाता ज्ञान की बूटी,
चढ़ाने शिव को लाया हुं,
तुम्हारी याद मे शिवजी,
मैं पूजा करने आया हूँ।4।
दुखों का भार है सर पे,
जो तारोगे तो क्या होगा,
अगम भव सिंधु से नैया,
उबारेोगे तो क्या होगा,
तुम्हारी याद मे शिवजी,
मैं पूजा करने आया हूँ।5।
किनारा दिखता नाही,
न बुधबल्ली पहुंचती है,
मन मल्लाह मतवाला,
निहारोगे तो क्या होगा,
तुम्हारी याद मे शिवजी,
मैं पूजा करने आया हूँ।6।
सभी का आसरा तजकर,
पुकारा आपको शंकर,
आ रहा हूं न घबराओ,
पुकारोगे तो क्या होगा,
तुम्हारी याद मे शिवजी,
मैं पूजा करने आया हूँ।7।
यही इच्छा है शंकर जी,
की भक्ति आप में होवे,
यही प्रसाद काफ़ी है,
ये विनती करने आया हूँ,
तुम्हारी याद मे शिवजी,
मैं पूजा करने आया हूँ।8।
तुम्हारी याद में शिव जी,
मैं पूजा करने आया हूँ,
ये गंगा जल हरिद्वारी,
चढ़ाने शिव को लाया हूँ।9।
ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय।10।
शिवजी की पूजा केवल विधि-विधान से नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा और प्रेम से की जाती है, तभी भोलेनाथ अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। “तुम्हारी याद में शिव जी मैं पूजा करने आया हूँ” भजन की तरह “शिव के चरणों में संसार सारा”, “भोलेनाथ से नैना मिलाने चले”, “हर हर महादेव शंभो”, और “शिवोहम शिवोहम” जैसे भजन भी हमें शिव भक्ति की गहराई और उनकी कृपा से जोड़ते हैं। आइए, इन पावन भजनों का पाठ करें और महादेव की अनंत कृपा प्राप्त करें। ????????

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile