थोड़ा देता है या ज्यादा देता है — यह भजन शिव जी की कृपा और उनकी अनंत दयालुता को दर्शाता है। भोलेनाथ अपने भक्तों को उनकी भक्ति और श्रद्धा के अनुसार देते हैं, चाहे वह थोड़ा हो या बहुत, लेकिन जो भी देते हैं, वह जीवन के लिए सबसे अनमोल होता है। यह भजन महादेव की उस उदारता की याद दिलाता है, जिसमें वे बिना भेदभाव के सभी भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। आइए, इस भजन के भावपूर्ण शब्दों में महादेव की महिमा का गुणगान करें।
Thoda Deta Hai Ya Jyada Deta Hai
थोड़ा देता है या ज्यादा देता है,
हमको तो जो कुछ भी देता,
भोला देता है,
थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं।1।
हमारे पास जो कुछ भी है,
ईसी की है मेहरबानी,
हमेशा भेजता रहता,
कभी दाना कभी पानी,
थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं,
हमको तो जो कुछ भी देता,
भोला देता है,
थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं।2।
हमेशा भूखे उठते है,
कभी भूखे नहीं सोते,
भला तकलीफ हो कैसी,
हमारे भोले के होते,
थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं,
हमको तो जो कुछ भी देता,
भोला देता है,
थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं।3।
दीया जो भोले बाबा ने,
कभी कर्जा नहीं समझा,
दयालु भोले ने हमको,
हमेशा अपना ही समझा,
थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं,
हमको तो जो कुछ भी देता,
भोला देता है,
थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं।4।
हमने ‘बनवारी’ हरदम ही,
बड़े अधिकार से मांगा,
खुशी से इसने दे डाला,
जो भी दातार से मांगा,
थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं,
हमको तो जो कुछ भी देता,
भोला देता है,
थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं।5।
थोड़ा देता है या ज्यादा देता है,
हमको तो जो कुछ भी देता,
भोला देता है,
थोड़ा देता हैं या ज्यादा देता हैं।6।
भोलेनाथ का आशीर्वाद किसी माप-तौल से परे है। वे अपने भक्तों को हमेशा संवारते हैं और जो सच्चे मन से पुकारता है, उसे निराश नहीं करते। यदि यह भजन आपके हृदय को शिवमय कर गया, तो भोले के हाथों में है भक्तों की डोर, जिसकी लागी लगन भोलेनाथ से, अपने दरबार में तू बुलाले, और कैसे दर आऊं मैं तेरे दरश पाने को जैसे अन्य शिव भजनों को भी अवश्य पढ़ें और भोलेनाथ की भक्ति में लीन हो जाएं। हर हर महादेव! ????????

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile