Teri Mand Mand Muskniya Par Balihar Bhole Ji
शिव रूप तुम्हारा निराला
मुख पे है तेज उजाला
नैनों में तेज तुम्हारे प्यारा
भोले जी बड़ा है प्यारा
भोले जी तेरी मंद मंद मुस्कनिया
सजे शीश पे चंदा प्यारा
और जटा में गंगा धारा
शिव गले में डाला तुमने नाग का हार
भोले जी डाला हार
भोले जी तेरी मंद मंद मुस्कनिया
तन पे है भस्मी रमाये
डम डम डम डमरू बजाए
फूलों हारो से करते श्रृंगार
भोले जी श्रृंगार
भोले जी तेरी मंद मंद मुस्कनिया

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile