Teri Bhang Na Ghot Ke Lau
तेरी भंग ना घोट के लाउ
मैं तो पीहर ने जानू लौट के फिर न मैं आऊ,
मैं मेहलो में रेहने वाली तू वन में रेहने आला
मैं छपन भोग लगाऊ तू कंध मूल खाने आला
चाहे जिनता जोर लगा ले तेरी बाता में न आऊ
हाथा में पड़ गए छाले तेरा सिलवटा तुड वाऊ,
तेरी भंग ना घोट के लाउ
तू जितना भी करके बहाना मने भोले क्यों बेह्कावे,
भर भर सुलफा पी वे तू दिन भर मुझे सतावे
तेरा रोज रोज का डरामा मेरे चित का चैन चुरावे
तेरे पैर पडू भोले अब और न हुकम चलावे
तेरी भंग ना घोट के लाउ….
तने मिक्सी बोल दिला दे अब मैं न पीहर जाऊ
तेरी घोट घोट के भंगिया मिक्सी से खूब पिलाऊ
तेरे शरण शीश झुकाऊ मैं भोले बम बम गाऊ
तेरे चरनन शीश झुकाऊ मैं भोले बम बम गाऊ
तेरी शरणं शीश झुकाऊ मैं भोले बम बम गाऊ
तेरी भंग ना घोट के लाउ

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile