Suna Hai Mera Ghar Dwar
तुझको सुनानी तुझको बतानी मैंने दिल की कहानी,
रोते रोते सुख गया है बाबा आँखों से पानी,
भर दे मेरे भी भंडार,
भोले घर मेरे आजा……
तुझको भजु मैं शाम सवेरे बनके तेरा दीवाना,
मुझको भी दे दे भोले बाबा खुशियों का खजाना,
मिल जाए मुझको भी करार,
भोले घर मेरे आजा……
राह में पलके मैंने बिछाई भोले बाबा तेरी,
आ भी जा तू दूर ये कर दे रात अँधेरी,
किस्मत को मेरी दे सवार,
भोले घर मेरे आजा…..
तू जो ना आया हे शिव शंकर मैं ना जिन्दा रहूँगा,
मर भी गया तो हे शिव शम्भु तुझसे मैं ये कहूँगा,
माटी को ही ले तू निहार,
मुझको मुक्ति का दे दे संसार तू,
सुना है मेरा घर द्वार……

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile