सुन री यशोदा माई दिखला दे तेरो कन्हाई भजन लिरिक्स

सुन री यशोदा माई, दिखला दे तेरो कन्हाई —यह भजन भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की अनुपम छवि से जोड़ता है। माखन चुराने वाले, ग्वालबालों संग खेलते हुए नटखट कन्हैया, मां यशोदा की गोद में संसार का सबसे बड़ा सुख पाते हैं। यह भजन उस वात्सल्य भाव को प्रकट करता है, जिससे श्रीकृष्ण को स्नेह और प्रेम से पुकारा जाता है।

Sun Ri Yashoda Mai Dikhala De Tero Kanhai

सुन री यशोदा माई,
दिखला दे तेरो कन्हाई
की दिल मेरा मान जाएगा,
की मन मेरा मान जाएगा।।

भिक्षा गर मांगे तो भिक्षा हम देंगे,
हीरे मोतियो से तेरी झोली भर देंगे
जो चाहे तुझे दिलवाऊ,
पर लाला को ना दिखाऊ
की लाल मेरा डर जाएगा,
कन्हैया मेरा डर जाएगा।।

धन और दौलत मुझे नहीं चाहिए,
लाला का दरश मुझे बस चाहिए
मुझे लाला का दर्श करादे,
इन अंखियों कि प्यास बुझा दे
की दिल मेरा मान जाएगा,
की मन मेरा मान जाएगा।।

सुन री यशोदा माई,
दिखला दे तेरो कन्हाई
की दिल मेरा मान जाएगा,
की मन मेरा मान जाएगा।।

श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करने वाले भजनों में जो मिठास और भक्ति होती है, वह मन को श्रीकृष्ण प्रेम में रंग देती है। नटखट कन्हैया की लीला अपरंपार है, उनकी महिमा को जानने और अनुभव करने के लिए नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की , मैय्या मोरी मैं नहीं माखन खायो, यशोमती मैया से बोले नंदलाला और मोहे पनघट पे नंदलाल छेड़ गयो रे जैसे भजनों को भी करें और अपने मन को श्रीकृष्ण प्रेम में डुबो दें। जय श्री कृष्ण! ????????

Leave a comment