सुध लेंगे कैलाशी धरो ध्यान पल का

भगवान शिव अपने भक्तों की सुध अवश्य लेते हैं, बस उन्हें सच्चे मन से याद करने की देर होती है। सुध लेंगे कैलाशी धरो ध्यान पल का भजन इसी विश्वास को दर्शाता है कि जब भी कोई महादेव का स्मरण करता है, वे तुरंत उसकी प्रार्थना सुनते हैं। शिव ध्यान से मन को शांति और आत्मा को संतोष प्राप्त होता है। यह भजन हमें ध्यान, श्रद्धा और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है।

Sudh Lenge Kailashi Dharo Dhyan Pal Ka

कहाँ पार है दयालु,
मेरे गंगधर का,
सुध लेंगे कैलाशी,
धरो ध्यान पल का,
ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय।1।

शीश चंद्रमा जटा मुकुट है,
गंगा को धारे,
नंदी पर विराजे भोले,
दुखडे है टारे,
केलाशी के द्वार नहीं,
कोई काम छल का,
सुध लेंगे केलाशी,
धरो ध्यान पल का,
ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय।2।

अभिमानी की लंक जलाई,
रूप कपि का धरके,
रामलखन को पाताल से लाए,
अतुलित बल प्रभु करके,
भोले है दया के सागर,
हरे कष्ट जन का,
सुध लेंगे केलाशी,
धरो ध्यान पल का,
ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय।3।

देवों के देव,
महादेव है निराले,
मन से जपलो शिव नाम,
काल को भी टाले,
नहीं काम कल का,
शैलजा के दिल का,
सुध लेंगे केलाशी,
धरो ध्यान पल का,
ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय।4।

कहाँ पार है दयालु,
मेरे गंगधर का,
सुध लेंगे कैलाशी,
धरो ध्यान पल का,
ॐ नमः शिवाय,
ॐ नमः शिवाय।5।

शिव ध्यान करने वाला भक्त कभी निराश नहीं होता, क्योंकि महादेव उसकी हर पुकार का उत्तर देते हैं। “सुध लेंगे कैलाशी धरो ध्यान पल का” भजन की तरह “सच्चे मन से भोले को जिसने है ध्याया”, “महाकाल की कृपा से सब काम हो रहा है”, “शंकर भोले भंडारी तुम जन जन के हितकारी”, और “भोलेनाथ ने पकड़ा हाथ नहीं तो मैं बह जाता” जैसे भजन भी हमें शिव भक्ति के महत्व और उनकी कृपा का एहसास कराते हैं। आइए, इन भजनों का पाठ करें और शिव ध्यान में लीन होकर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करें। ????????

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