श्री शिवाय नमस्तुभ्यं — यह भजन महादेव की स्तुति का एक अद्भुत स्रोत है, जिसमें 108 बार शिवजी के चरणों में नमन किया जाता है। शिव का नाम जपना ही कलियुग में सबसे सरल और प्रभावी उपाय है, जिससे जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं और आत्मा शुद्ध होती है। जब भक्त पूरे समर्पण भाव से ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ का जाप करता है, तो भोलेनाथ स्वयं उसकी रक्षा का भार उठाते हैं। इस भजन के माध्यम से हम शिवजी की महिमा को नमन करेंगे और अपनी भक्ति अर्पित करेंगे। आइए, इस पावन स्तुति का आनंद लें।
Sri Shivay Namstubhyam 108 Bar
श्री शिवाय नमस्तुभयम 108 बार,
इस महामंत्र को जपने से,
मिट जाते है सारे गम,
श्री शिवाय नमस्तुभयम,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं।1।
आत्मशांती बल देने वाला,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
तन मन पावन करने वाला,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
भव से पार लगाने वाला,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
संकट सबके हरने वाला,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
अकाल मृत्यू को हरने वाला,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
मोक्ष मुक्ति को देने वाला,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं।2।
चारों वेद पुरान भी बोले,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
ब्रह्म विष्णु नारद बोले,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
मुरलीधर की मुरली बोले,
श्री शिवाय नमस्तुभ्यं,
गंगा रेवा शिप्रा बोले,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
पंडित प्रदीप मिश्रा जी बोले,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
शिव शक्ति परिवार भी बोले,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं।3।
जिसने ये ब्रम्हांड रचाया,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
जिसका कोई पार ना पाया,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
हर कण कण में शिव ही समाया,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
शिव ही शक्ति सब झुठी माया,
श्री शिवाय नमस्तुभयम,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं।4।
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं।5।
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं।6।
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं।7।
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं,
श्री शिवाय नमस्तुभयं।8।
शिव का नाम जपने मात्र से जीवन धन्य हो जाता है, और जब 108 बार ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ का उच्चारण किया जाता है, तो भोलेनाथ अपनी कृपा बरसाते हैं। महाकाल की भक्ति से बढ़कर कुछ नहीं, क्योंकि वही संहारक भी हैं और पालनहार भी। यदि यह भजन आपकी आत्मा को शांति प्रदान कर रहा है, तो शिव ही बसे हैं कण-कण में, भोले के हाथों में है भक्तों की डोर, महाकाल की लगन, और शरण में हम तुम्हारे आ पड़े हैं जैसे अन्य शिव भजनों को भी अवश्य करें। महादेव की महिमा का गुणगान निरंतर करते रहें। हर हर महादेव! ????????

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile