Shivnath Teri Mahima
शिवनाथ तेरी महिमा आ आ आ
शिवनाथ तेरी महिमा जब तीन लोक गए
नाचे धरा गगन तो आ आ आ
नाचे धरा गगन तो झूमे दसों दिशाएं
शिवनाथ तेरी महिमा जब तीन लोक गए
तू देव सबसे न्यारा तुझको नमन हमारा
तू देव सबसे न्यारा तुझको नमन हमारा
लायी है तेरे दवारे दर्शन की कामनाये
शिवनाथ तेरी महिमा
पंछी पवन सुनाये नाचे धरा गगन तो
झूमे दसों दिशाएं शिवनाथ तेरी महिमा जब
तीन लोक गाये मस्तक पे चन्दर आधा
है रूप तेरा सादा मस्तक पे चन्दर आधा
है रूप तेरा सादा आयी है गैंग
धरा लेकर तेरी जताये शिवनाथ तेरी महिमा
शिवनाथ तेरी महिमा तारे गगन के गए
नाचे धरा गगन तो झूमे दसों दिशाएं
शिवनाथ तेरी महिमा जब तीन लोक गए
है प्रेम की सुधा भी है रूपचंद्रिका भी
हो नील कण्ठ वाले कैसे तुझे रिझाये
शिवनाथ तेरी महिमा सब देव लोक गए
नाचे धरा गगन तो आ आ आ
नाचे धरा गगन तो झूमे दसों दिशाएं
शिवनाथ तेरी महिमा जब तीन लोक गए

मैं पंडित सत्य प्रकाश, सनातन धर्म का एक समर्पित साधक और श्री राम, लक्ष्मण जी, माता सीता और माँ सरस्वती की भक्ति में लीन एक सेवक हूँ। मेरा उद्देश्य इन दिव्य शक्तियों की महिमा को जन-जन तक पहुँचाना और भक्तों को उनके आशीर्वाद से जोड़ना है। मैं अपने लेखों के माध्यम से इन महान विभूतियों की कथाएँ, आरती, मंत्र, स्तोत्र और पूजन विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करता हूँ, ताकि हर भक्त अपने जीवन में इनकी कृपा का अनुभव कर सके।जय श्री राम View Profile